बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव से पहले एक बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला. भाजपा के घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ अभिषेक बंटी ने नामांकन दाखिल करने के महज 24 घंटे के भीतर ही अपना पर्चा वापस ले लिया. पार्टी ने अब उनकी जगह नीरज कुमार सिन्हा को नया उम्मीदवार बनाया है. ऊपरी तौर पर इसे “पारिवारिक कारण” बताया गया, लेकिन इसके पीछे की असली कहानी झारखंड के तीन दशक पुराने चारा घोटाले से जुड़ी है.
भाजपा ने बीते मंगलवार को युवा मोर्चा के नेता अभिषेक कुमार बंटी को बांकीपुर सीट से उम्मीदवार घोषित किया था. यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के विधायकी से इस्तीफे के बाद खाली हुई थी. गुरुवार को अभिषेक ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत तमाम बड़े नेताओं की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया. लेकिन शुक्रवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए नामांकन वापस ले लिया और प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को इस बारे में पत्र सौंपा.
बांकीपुर सीट पर 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को मतगणना होनी है. यह सीट पिछले 45 सालों से भाजपा का गढ़ मानी जाती रही है. इस उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर और राजद की रेखा कुमारी भी मैदान में हैं.
चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता हैं अभिषेक के माता-पिता
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, नामांकन वापसी के पीछे की अंदरूनी कहानी यह है कि अभिषेक के माता-पिता चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता हैं, और इसके पूरे कागजात राजद खेमे से होते हुए प्रशांत किशोर के पास भी पहुंच गए थे. प्रशांत किशोर नामांकन की तारीख समाप्त होने के बाद इसका खुलासा करने वाले थे, जिसकी भनक भाजपा खेमे को भी लग गई. भाजपा को यह समझाया गया कि चूंकि यह उपचुनाव राष्ट्रीय अध्यक्ष की खाली की गई सीट पर हो रहा है, इसलिए चारा घोटाले के आरोपियों के परिवार से जुड़े उम्मीदवार का मुद्दा पार्टी की साख पर भारी पड़ सकता है. बिहार भाजपा की कोर कमेटी वैसे भी अभिषेक की उम्मीदवारी से खुश नहीं थी, और प्रशांत किशोर की तैयारी की खबर मिलते ही समय रहते उम्मीदवार बदल दिया गया.
रिपोर्टों के अनुसार, अभिषेक के पिता रवींद्र प्रसाद मेसर्स मगध केमिकल्स कॉर्पोरेशन के मैनेजर थे और सीबीआई जांच में उन्हें सरकारी खजाने से फर्जी निकासी और वित्तीय अनियमितताओं के मुख्य आरोपियों में पाया गया था, जबकि इसी फर्म की प्रोपराइटर और अभिषेक की मां चंचला सिन्हा भी पूरे फर्जीवाड़े में बराबर की भागीदार थीं.
झारखंड कनेक्शन : चारा घोटाले के तीन अलग-अलग मामले
चारा घोटाला मूल रूप से बिहार-झारखंड बंटवारे से पहले का मामला है, इसलिए इससे जुड़े लगभग सभी कोषागार मामलों की सुनवाई अब झारखंड की सीबीआई कोर्ट में होती है. संबंधित कोषागार रांची के डोरंडा, साहेबगंज और चाईबासा वर्तमान झारखंड राज्य में स्थित हैं.
1. रांची कोषागार मामला : सीबीआई कोर्ट ने 2022 में डोरंडा कोषागार से 1990-91 से 1995-96 के बीच 182.82 करोड़ रुपये के गबन के मामले में लालू यादव समेत 75 लोगों को दोषी ठहराया था. इसी मामले में मगध केमिकल कॉर्पोरेशन, पटना के प्रतिनिधि के तौर पर दर्ज रविंद्र प्रसाद को 3 साल की सजा सुनाई गई थी.
2. साहेबगंज कोषागार मामला : सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने 2012 में साहेबगंज कोषागार से 1991-96 के बीच फर्जी तरीके से 67 लाख 49 हजार 989 रुपये की निकासी के मामले में 26 लोगों को दोषी ठहराया. दोषियों को एक से पांच साल तक की सजा और छह लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया गया था.
3. चाईबासा डिस्ट्रिक्ट ट्रेजरी मामला : सीबीआई ने पटना हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 28 अगस्त 1996 को यह केस दर्ज किया था. मामला चाईबासा डिस्ट्रिक्ट ट्रेजरी और एनिमल हसबैंड्री ऑफिस से फर्जी अलॉटमेंट लेटर, सप्लाई ऑर्डर और फर्जी बिलों के आधार पर 1992-93 के दौरान करीब 37.62 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का था. 2018 में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने लालू यादव और जगन्नाथ मिश्रा समेत 50 लोगों को दोषी करार दिया, जिनमें चंचला सिन्हा भी शामिल थीं। उन्हें तीन साल की सजा और 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था.
भाजपा और जन सुराज से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इन्हीं मामलों में सजायाफ्ता चंचला सिन्हा और रविंद्र प्रसाद, अभिषेक बंटी के माता-पिता हैं.
बांकीपुर सीट पर हुए इस अचानक उम्मीदवार परिवर्तन की जड़ें बिहार से नहीं, बल्कि झारखंड की उन अदालतों से जुड़ी हैं जहां तीन दशक पुराने चारा घोटाले के मुकदमे आज भी चल रहे हैं. पशुपालन घोटाले के दौरान अविभाजित बिहार के जिन कोषागारों (डोरंडा, साहेबगंज, चाईबासा) से गबन हुआ था, वे अब झारखंड राज्य का हिस्सा हैं, इसलिए इन मामलों की सुनवाई और सजा भी झारखंड की सीबीआई अदालतों में हुई. यही ऐतिहासिक झारखंड कनेक्शन अब बिहार की मौजूदा चुनावी राजनीति में एक भाजपा उम्मीदवार की उम्मीदवारी वापसी की वजह बन गया.
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