Ranchi : राजधानी रांची के सदर अस्पताल को अब पूरी तरह अपग्रेड करने की तैयारी शुरू हो गई है। मरीजों को बेहतर और बड़े स्तर की सुविधा देने के लिए यहां 200 बेड का नया सुपर स्पेशियलिटी विंग बनाया जाएगा। गुरुवार को हुई समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह ने इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को जमीन चिन्हित करने और डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने का निर्देश दिया। सरकार का फोकस साफ है कि लोगों को तेजी से और बेहतर इलाज मिल सके।
कैंसर मरीजों के लिए बड़ी राहत
राज्य में बढ़ते कैंसर के मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। अब हर जिले के सदर अस्पताल में कैंसर मरीजों के लिए अलग से डे-केयर यूनिट बनाई जाएगी। साथ ही रेडिएशन के लिए खास बंकर भी बनाए जाएंगे, ताकि इलाज पूरी तरह सुरक्षित तरीके से हो सके। कोशिश यह है कि मरीजों को इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े और अपने ही जिले में बेहतर सुविधा मिल जाए।
IPHS मानकों पर होंगे अस्पताल तैयार
बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी सदर अस्पतालों को इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड के हिसाब से विकसित किया जाएगा। इसके तहत अस्पतालों में बेड बढ़ेंगे और आधुनिक मशीनें भी लगाई जाएंगी। बोकारो, धनबाद, सरायकेला, चाईबासा, गोड्डा और रामगढ़ के प्रोजेक्ट में बदलाव कर फिर से पेश करने को कहा गया है। वहीं धनबाद, साहिबगंज, गिरिडीह, दुमका, पाकुड़ और गढ़वा के अस्पतालों के रेनोवेशन प्लान को मंजूरी मिल गई है।
नामकुम में बनेगा बड़ा ट्रेनिंग सेंटर
सिर्फ बिल्डिंग ही नहीं, बल्कि अस्पतालों में काम करने वाले स्टाफ को भी मजबूत बनाने की तैयारी है। रांची के नामकुम में 500 लोगों की क्षमता वाला एक बड़ा ट्रेनिंग सेंटर बनाने की योजना है। यहां एंबुलेंस, ट्रॉमा, इमरजेंसी और ICU सेवाओं के लिए स्टाफ को ट्रेनिंग दी जाएगी। अभी इन क्षेत्रों में प्रशिक्षित लोगों की कमी है, जिसे जल्द दूर करने का लक्ष्य रखा गया है।
मरीजों को मिलेगा सीधा फायदा
इस पूरी योजना का सबसे बड़ा फायदा आम लोगों को मिलेगा। इलाज के लिए बड़े शहरों या प्राइवेट अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी। सरकार चाहती है कि राज्य के हर जिले में ही लोगों को बेहतर और भरोसेमंद इलाज मिल सके।
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