Ranchi : राजधानी रांची में ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए प्रस्तावित फ्लाईओवर परियोजना अब जमीन अधिग्रहण के अहम चरण में पहुंच गई है। जिला भू-अर्जन कार्यालय ने प्रक्रिया को तेज कर दिया है, लेकिन दूसरी तरफ मुआवजा लेने में लोगों की सुस्ती परियोजना की रफ्तार को प्रभावित कर रही है। शहर के व्यस्त इलाकों को जोड़ने वाला यह फ्लाईओवर सिरमटोली से मेकोन और कोकर से योगदा सत्संग आश्रम तक बनाया जाना है। माना जा रहा है कि इसके बन जाने से रोजाना लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिलेगी और आवागमन सुगम होगा।
कई वार्डों की जमीन और मकान आए दायरे में
जिला भू-अर्जन पदाधिकारी द्वारा जारी सूचना के अनुसार, इस परियोजना के तहत मौजा कोनका (198) और मौजा सिरम (210) के विभिन्न खातों और प्लॉटों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है। इसमें रांची नगर निगम के वार्ड संख्या 04, 05 और 06 के अंतर्गत आने वाले कई रैयतों की निजी जमीन और मकान शामिल हैं।
- कोनका मौजा : वार्ड 05 में करीब 0.3973 एकड़ और वार्ड 06 में 0.8708 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई है।
- सिरम मौजा : यहां लगभग 0.9730 एकड़ जमीन के साथ-साथ उस पर बने मकान, दुकान और अन्य संरचनाएं भी अधिग्रहित की गई हैं।
इस अधिग्रहण में कई परिवारों के घर और छोटे कारोबार भी प्रभावित हो रहे हैं, जिससे लोगों के सामने पुनर्वास और भविष्य को लेकर चिंता भी बनी हुई है।
नोटिस के बावजूद आवेदन नहीं, करोड़ों का भुगतान अटका
प्रशासन का कहना है कि अधिग्रहण से प्रभावित सभी रैयतों को धारा 37 के तहत नोटिस पहले ही जारी कर दिया गया था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने अब तक मुआवजा लेने के लिए जरूरी आवेदन और दस्तावेज जमा नहीं किए हैं। इस लापरवाही के कारण करोड़ों रुपये की मुआवजा राशि लंबित पड़ी है। अधिकारियों के मुताबिक, जब तक प्रभावित लोग आवेदन नहीं देंगे, तब तक भुगतान संभव नहीं है, जिससे पूरी परियोजना की गति प्रभावित हो रही है।
10 मई तक अंतिम चेतावनी
जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सभी संबंधित रैयत 10 मई 2026 तक अपना आवेदन, बैंक विवरण और जरूरी कागजात कार्यालय में जमा कर दें। अधिकारियों ने साफ किया है कि तय समय सीमा के बाद यदि आवेदन नहीं मिलता है, तो यह मान लिया जाएगा कि संबंधित व्यक्ति मुआवजा लेने के इच्छुक नहीं हैं। ऐसी स्थिति में नियम के अनुसार मुआवजा राशि सरकारी खजाने में रेवेन्यू डिपॉजिट के रूप में जमा कर दी जाएगी।
फ्लाईओवर से बदलेगी शहर की तस्वीर
रांची में बढ़ती गाड़ियों और रोजाना लगने वाले जाम को देखते हुए यह फ्लाईओवर परियोजना काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सिरमटोली, मेकोन, कोकर और योगदा सत्संग आश्रम जैसे व्यस्त रूट पर अक्सर लंबा जाम लगता है, जिससे लोगों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ती है। परियोजना पूरी होने के बाद इन इलाकों में ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों का समय भी बचेगा।
प्रशासन की अपील, समय पर करें दावा
प्रशासन ने सभी प्रभावित रैयतों से अपील की है कि वे समय सीमा के भीतर मुआवजा लेने की प्रक्रिया पूरी करें। अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक परियोजना नहीं, बल्कि शहर की जरूरत है, इसलिए सभी का सहयोग जरूरी है। यदि लोग समय पर आगे आते हैं, तो न केवल उन्हें उनका हक मिलेगा बल्कि रांची को जल्द ही ट्रैफिक जाम से राहत भी मिल सकेगी।
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