किसलय शानू: रांची
राज्य के 600 से अधिक थानों में सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने एक्शन प्लान तैयार कर लिया है. यह प्लान पुलिस मुख्यालय आईजी प्रोविजन मयूर पटेल कन्हैयालाल ने तैयार किया है. एक्शन प्लान के बारे में इनके द्वारा एक रिपोर्ट तैयार करके सभी जिलों के एसपी और रेंज डीआईजी को भेज दिया गया है.
जिसमें बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर थानों में सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए पूर्व में पुलिस मुख्यालय के द्वारा आठ दिसंबर 2025 को पत्राचार किया गया था. जिसके बाद सभी जिलों के द्वारा पुलिस मुख्यालय को सूची उपलब्ध कराई गई थी. जिसे कंपाइल करके मामले में आगे की कार्रवाई के लिए जैप आईटी के पास भेज दिया गया था.
लेकिन जैप आईटी के द्वारा तैयार सूची का सत्यापन करते हुए आवश्यकतानुसार न्यायालय के निर्देश के अनुसार राज्य के सभी थाना और ओपी में सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए अपडेट रिपोर्ट की मांग की गई है. इसलिए लगाए जाने वाले कैमरों की संख्या में यदि किसी प्रकार के संशोधन की आवश्यकता है, तब निम्न स्थानों पर सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए समीक्षा कर अपडेट रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजी जाए. जानकारी के अनुसार राज्य के 606 थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं. इसके लिए राज्य सरकार की ओर से 134 करोड़ रुपये बजट का भी प्रावधान किया गया है. कैमरे की विशेषता यह होगी कि इसमें ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा होगी. इसके अलावा कैमरे में रात में भी देखने की क्षमता होगी.
थाना के जिन स्थानों में सीसीटीवी लगाने के लिए तैयार किया गया है एक्शन प्लान
- पुलिस थाना के सभी निकास और प्रवेश द्वार.
- मुख्य प्रवेश द्वार.
- सभी गलियारे.
- लॉबी या रिसेप्शन क्षेत्र.
- सभी बरामदे एवं आउट हाउस.
- इंस्पेक्टर का कमरा.
- लॉकअप या हाजत का बाहरी क्षेत्र.
- थाना हॉल.
- थाना परिसर के मुख्य भाग के सामने का क्षेत्र.
- शौचालय के बाहर का क्षेत्र.
- ड्यूटी ऑफिसर का कमरा.
- थाना भवन का पिछला भाग और अन्य आवश्यक स्थान.
सीसीटीवी प्रकरण में गृह विभाग के दो अधिकारी हो चुके हैं निलंबित
सीसीटीवी प्रकरण में अभी तक गृह विभाग के दो अधिकारी निलंबित हो चुके हैं. इससे संबंधित आदेश भी कार्मिक विभाग के द्वारा 15 जुलाई को जारी किया गया था. जिन दो अधिकारियों को निलंबित किया गया था, उनमें एक का नाम मनीषा जोसेफ तिग्गा है. यह गृह विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर पदस्थापित थीं. जबकि दूसरे अधिकारी का नाम संजय कुमार झा है. यह गृह विभाग में अवर सचिव के पद पर पदस्थापित थे. इन्हें इसलिए निलंबित किया गया था क्योंकि इनके द्वारा राज्य के थानों में लगाए जाने वाले सीसीटीवी से संबंधित मामले में बिना किसी सक्षम पदाधिकारी के अनुमोदन और वास्तविक तथ्यों से अलग रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में सीनियर अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे को भेज दी गई थी. जिसके कारण पुरानी रिपोर्ट को निरस्त करने और नए सिरे से रिपोर्ट भेजने की स्थिति उत्पन्न हुई.
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