Patna : पटना नगर निगम जल्द ही नई कचरा गाड़ियों की खरीद की तैयारी कर रहा है। लंबे समय से नए वाहनों की खरीद नहीं होने के कारण कई कचरा वाहन जर्जर हो चुके हैं। कई गाड़ियों में न तो नंबर प्लेट है और न ही उनकी बॉडी ठीक है, जिससे सड़कों पर चलते समय कचरा गिरता रहता है।
नगर निगम को आए दिन कचरा गाड़ियों के खराब होने की शिकायतें मिल रही हैं। पार्षदों की लगातार मांग के बाद अब 18वीं सशक्त स्थायी समिति की बैठक में नई कचरा गाड़ियों की खरीद पर फैसला लिया जाएगा।
नगर निगम के पास फिलहाल कुल 523 कचरा गाड़ियां हैं, जिनमें से केवल 327 वाहन ही चलने लायक हैं। करीब 196 वाहन यानी 37 प्रतिशत गाड़ियां खराब स्थिति में हैं। सितंबर में मिशन विश्वकर्मा के तहत कुछ वाहनों की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन निगम का कहना है कि मरम्मत पर ज्यादा खर्च आता है, इसलिए नए वाहन खरीदना अधिक व्यावहारिक है।
डोर-टू-डोर कचरा उठाव के लिए नगर निगम ने शहर को 375 सेक्टर में बांटा है और सेक्टर के अनुसार वाहनों की तैनाती की गई है। निगम के पास 373 क्लोज टिपर वाहन हैं, जिनमें से केवल 184 ही चलने लायक हैं। वहीं, 150 सीएनजी क्लोज टिपर वाहनों में से 143 वाहन उपयोग में हैं।
नूतन राजधानी और पाटलिपुत्र अंचल को 80-80 सेक्टर में बांटा गया है। पाटलिपुत्र अंचल में आधे से अधिक क्लोज टिपर वाहन खराब हो चुके हैं, जिससे कचरा उठाव में परेशानी हो रही है।


