आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने 29 अगस्त को अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में आयोजित ‘Universal Oneness Celebration’ कार्यक्रम में हिंदुत्व, विविधता और हिंदू-मुस्लिम संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया. न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन स्थित इंफोसिस थिएटर में भारतीय-अमेरिकी समुदाय को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि अगर कोई हिंदू यह सोचता है कि भारत में मुसलमान नहीं होने चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रह सकता.
आरएसएस के शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने ‘विविधता में एकता’ को भारत की पहचान बताया और अलग-अलग समुदायों के साथ सह-अस्तित्व का संदेश दिया. कार्यक्रम का आयोजन American Hindus for Engagement and Dialogue (AHEAD) ने किया था और इसमें करीब 5 हजार लोगों के शामिल होने की बात कही गई.
लेकिन मोहन भागवत के इस बयान के बाद भारत में दिए गए उनके कुछ पुराने बयान भी फिर चर्चा में आ गए हैं. खासकर 2021 में मुस्लिम आबादी बढ़ने को लेकर दिए गए उनके बयान को न्यूयॉर्क के ताजा बयान के साथ जोड़कर देखा जा रहा है.
न्यूयॉर्क में दिया समावेश और सह-अस्तित्व का संदेश
न्यूयॉर्क के कार्यक्रम में मोहन भागवत ने कहा कि अलग-अलग धर्मों और विचारों के बावजूद मानवता एक है. उन्होंने भारत और अमेरिका दोनों के संदर्भ में विविधता और एकता की बात की. उनका सबसे चर्चित बयान यही रहा कि भारत में मुसलमानों के अस्तित्व को नकारने वाला व्यक्ति सच्चा हिंदू नहीं रह सकता. भागवत के बयान को हिंदुत्व के समावेशी स्वरूप और धार्मिक सह-अस्तित्व के संदेश के रूप में देखा जा रहा है. यह कार्यक्रम ऐसे समय में हुआ, जब RSS अपने शताब्दी वर्ष के दौरान विदेशों में भारतीय समुदाय के बीच संपर्क बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. भागवत का यह दौरा अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन की यात्रा का हिस्सा बताया गया है.
साल 2021 में मुस्लिम आबादी पर क्या कहा था?
न्यूयॉर्क के बयान के साथ मोहन भागवत का जुलाई 2021 का एक पुराना बयान भी फिर सामने आया है. गुवाहाटी में आबादी नियंत्रण मुद्दे पर आयोजित एक कार्यक्रम में भागवत ने कहा था कि 1930 के दशक से मुस्लिम आबादी बढ़ाने के लिए “योजनाबद्ध प्रयास” किए गए. ताकि पाकिस्तान बनाया जा सके. जिन स्थानों पर वे (मुस्लिम) अधिक थे, उन्होंने वहां से उनलोगों को निकाल दिया जो उनसे अलग थे.
दिलचस्प बात यह है कि जुलाई 2021 में ही मोहन भागवत ने गाजियाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि सभी भारतीयों का DNA एक है. उन्होंने मॉब लिंचिंग में शामिल लोगों को हिंदुत्व के खिलाफ बताया था.
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