Lohardaga : 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर लोहरदगा के बीएस कॉलेज स्टेडियम में राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने राष्ट्रीय ध्वज का झंडोत्तोलन किया। इस अवसर पर परेड का निरीक्षण और सलामी लेने के साथ ही मंत्री ने झारखंड आंदोलनकारियों का सम्मान किया और चौकीदारी व अनुकम्पा पर बहाल लोगों के बीच नियुक्ति पत्र वितरित किए।

गणतंत्र दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि यह क्षण देश की आजादी और संविधान पर गर्व करने का होता है। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों, वीर सपूतों और महापुरुषों के योगदान और बलिदान को नमन किया और युवाओं से स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास पढ़ने और समझने की अपील की।
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि 26 जनवरी 1950 को राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा 21 तोपों की सलामी और तिरंगे के ध्वजारोहण के साथ भारत का संविधान देश को समर्पित किया गया था। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के ऐतिहासिक महत्व का भी जिक्र करते हुए बताया कि 26 जनवरी 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने लाहौर अधिवेशन में पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पारित किया था, जिसे पहले स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया गया।

मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि आज कुछ लोग धर्मभक्ति को बढ़ावा देने में लगे हैं, जबकि वास्तविक देशभक्ति लोकतंत्र को बचाने और संविधान का सम्मान करने में है। युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम और देशभक्ति के महत्व को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान में समानता का अधिकार हमारी पहचान है और समाज को तोड़ने की राजनीतिक साजिश करने वालों के प्रति सचेत रहना जरूरी है।
मंत्री ने कुड़ू की घटना का भी जिक्र करते हुए कहा कि यह निंदनीय है और सरकार अलगाववादी सोच को स्वीकार नहीं करेगी तथा इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने समाज में एकता और एकजुटता बनाए रखने के लिए सभी से सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

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