रांची के जमीन कारोबारी कमलेश कुमार सिंह पर ईडी का शिकंजा और कस गया है. ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कमलेश सिंह की 66 एकड़ जमीन को अटैच कर ली है. जब्त की गई इस जमीन की बाजार में कीमत करीब 85 करोड़ रुपये आंकी गई है. जांच के दौरान ईडी को पता चला कि कमलेश सिंह ने कांके और नगड़ी अंचल में इस 66 एकड़ जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार करवा रखे थे. जालसाजी के जरिए तैयार किए गए इन कागजातों के दम पर उन्होंने कुछ जमीन तो पहले ही बेच दी थी, जबकि बाकी बची जमीनों को बेचने की तैयारी चल रही थी, लेकिन इससे पहले ही ईडी ने इस पर रोक लगा दी. इस मामले में ईडी पहले ही कमलेश सिंह और उनके सहयोगियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है और मामले की आगे की जांच अभी चल रही है.
मामूली फोटोग्राफर से बड़ा जमीन कारोबारी बन चुके कमलेश सिंह ने रांची के बरियातु और कांके जैसे महंगे और वीआईपी इलाकों की कीमती जमीनों पर अपनी नजरें गड़ाई. आरोप है कि रसूखदारों और सरकारी अधिकारियों से सांठगांठ कर उसने अपना एक बहुत बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया था. कमलेश सिंह का नाम तब सबसे ज्यादा चर्चा में आया, जब 21 जून 2024 को ईडी की टीमों ने उसके कांके रोड स्थित घर और अन्य ठिकानों पर एक साथ छापा मारा.
छापेमारी के दौरान कमलेश के ठिकानों से ईडी की टीम को करीब 1 करोड़ रुपये कैश मिले थे. इसके साथ ही तलाशी के दौरान लगभग 100 जिंदा गोलियां बरामद हुई थी. हालांकि जांच के बाद गोलियों को रिलीज कर दिया गया था. ईडी की टीम को वहां से भारी मात्रा में जमीनों की फर्जी डीड, सरकारी रजिस्टरों की कॉपियां और जालसाजी से जुड़े दस्तावेज भी हाथ लगे थे. लंबी पूछताछ के बाद ईडी ने कमलेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. बीते कुछ महने पहले ही कमलेश सिंह जेल से बाहर निकला है.
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