कनिका कुमारी, रांची
सोशल मीडिया में दशम फॉल थाना क्षेत्र स्थित एनएच का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में जो देखा जा रहा है, वो हकीकत में है नहीं। अब पूरी सच्चाई सामने आ चुकी है। जोहार लाइव की रिपोर्टर कनिका कुमारी ने जब पूरे मामले की तहकीकात की, तो मामला अलग निकला। दरअसल दोनों गाड़ियों की टक्कर के बाद स्कॉर्पियो चालक अपनी गाड़ी में हुए नुकसान को लेकर जुर्माना वसूलने के लिए पीछा करने लगा। वहीं, दूसरी गाड़ी में बैठी युवतियां भी स्कॉर्पियो चालकों के रवैये से पूरी तरह डर चुकी थी। यह पूरी घटना सड़क दुर्घटना के बाद उपजे विवाद का परिणाम था, ना कि गुंडागर्दी का। हालांकि, स्कॉर्पियो चालकों ने यह स्वीकार किया है कि आवेस में आकर उनलोगों ने युवतियों की गाड़ी में पत्थर मारा और उनलोगों की गाड़ी का दरवाजा खोलने का प्रयास कर रहा था।
कंट्रोल रुम का रिस्पॉन्स समय 10 मिनट में
जोहार लाइव की रिपोर्टर कनिका कुमारी जब डायल 112 के कार्यालय में पहुंची तो देखा कि बीते मंगलवार की दोपहर 12.33 बजे युवती ने कॉल की और जबकि 10 मिनट के बाद पूरा मामला जिला कंट्रोल रुम में देते हुए थाना को सूचित कर दिया गया। डायल 112 में युवती द्वारा कॉल से लेकर दशम फॉल थाना को सूचना देने तक का पूरा समय 10 मिनट है। सबसे पहले बाइक दस्ता से पुलिसकर्मी को भेजा गया, फिर पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी पहुंची। वहीं दूसरी ओर कहा गया कि मौके पर कोई भी हाईवे पेट्रोलिंग की गाड़ी नहीं दिखाई दी। जबकि, हकीकत है कि दोपहर 12:18 बजे से लेकर 12:55 बजे तक हाईवे पेट्रोल वाहन- 2 दशम फॉल से थाना से लेकर बुंडू तक लगातार पेट्रोलिंग कर रही थी। इसका रिकॉर्ड भी जोहार लाइव के पास आ चुका है।
कैसे पूरा मामला ने पकड़ा तूल
जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र के सरजमदा निवासी एक युवक की कार (JH 05 EA 9079) में तीन युवती थी। यह सभी लोग जमशेदपुर से हजारीबाग की ओर जा रहे थे। दोपहर करीब 12.15 बजे के आसपास जब उनकी कार दशम फॉल थाना क्षेत्र के पांचों गांव के पास पहुंची, तो उनकी गाड़ी ने आगे चल रही एक काले रंग की स्कॉर्पियो (JH 01 GH 4141) को जोरदार टक्कर मार दी। स्कॉर्पियो में रांची के चुटिया थाना क्षेत्र के रहने वाले दो युवक सवार थे। टक्कर की घटना के बाद स्कॉर्पियो सवार युवक अपनी गाड़ी रोककर बात करना चाहते थे, लेकिन कार चालकों ने गाड़ी रोकने के बजाय उसकी रफ्तार बढ़ा दी और मौके से भागने का प्रयास किया। अपनी गाड़ी को क्षतिग्रस्त देखकर स्कॉर्पियो सवार युवकों ने कार का पीछा करना शुरू किया। काफी दूर तक पीछा करने के बाद युवकों ने कार को आगे जाकर रोक लिया। इसी दौरान, गुस्से में आकर युवकों ने कार को रोकने और अंदर बैठे लोगों को बाहर निकालने के लिए कार के शीशे पर वार कर दिया, जिससे शीशा टूट गया। इसी तोड़फोड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसे बिना पूरी सच्चाई जाने गुंडागर्दी का नाम दे दिया गया और डायल 112 से लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाया जाने लगा।
30 हजार के हर्जाने के साथ आपसी समझौता
कार का शीशा टूटने के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई थी और तनाव का माहौल बन गया था, हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रबुद्ध जनों, प्रत्यक्षदर्शियों और दोनों पक्षों के वरिष्ठ लोगों ने हस्तक्षेप किया। बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने समझदारी का परिचय दिया और कानूनी पचड़े में पड़ने के बजाय आपसी रजामंदी से एक लिखित समझौता पत्र तैयार किया।
जानें समझौते की मुख्य शर्तें :
- प्रथम पक्ष ने लिखित निर्णय लिया कि वे इस दुर्घटना या तोड़फोड़ के संबंध में पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराएंगे।
- अपनी गलती और गुस्से में किए गए नुकसान को स्वीकार करते हुए दूसरे पक्ष (स्कॉर्पियो सवार युवकों) ने क्षतिग्रस्त कार की मरम्मत के लिए मौके पर ही 30 हजार की नकद राशि जुर्माना के रूप में दी।
- इस पूरे विवाद, पीछा करने और झड़प के दौरान सबसे राहत की बात यह रही कि किसी भी पक्ष के किसी भी व्यक्ति को कोई शारीरिक चोट नहीं आई है। पुलिस और स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप से यह मामला अब पूरी तरह शांत हो चुका है।

