मुस्कान चौधरी
बॉलीवुड मौके के इंतजार में रहता है. यूं कह लीजिये कि मौके को कभी गंवाता नहीं. नए मौके को भुनाने के लिए अब अनुपम खेर आगे आए हैं. राम मंदिर चंदा चोरी विवाद के बीच उन्होंने राम मंदिर आंदोलन और मंदिर बनने की कहानी पर फिल्म बनने की जानकारी दी है.
बीते मंगलवार वो अयोध्या पहुंचे. अपनी नई फिल्म ‘श्री राम जन्मभूमि’ की शूटिंग शुरू करने से पहले उन्होंने सबसे पहले हनुमानगढ़ी और रामजन्मभूमि में दर्शन-पूजन किया. भगवान राम और बजरंगबली का आशीर्वाद लेने के बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की. इस दौरान उनसे राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा चोरी मामले पर भी सवाल पूछा गया, जिस पर उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी.
अनुपम खेर ने बताया कि उनकी फिल्म ‘श्री राम जन्मभूमि’ की शूटिंग अयोध्या में करीब 10 से 12 दिनों तक चलेगी. उन्होंने कहा कि किसी भी नए काम की शुरुआत भगवान के आशीर्वाद से ही होनी चाहिए. इसी वजह से वह सबसे पहले रामलला और हनुमानगढ़ी में दर्शन करने पहुंचे. उन्होंने देश और दुनिया के लोगों की सुख, शांति और अच्छे स्वास्थ्य की भी कामना की.
गोरतलब है की अभिनेता अनुपम खेर की फिल्म का समय और राम मंदिर में हुई दान/चंदा विवाद का एक साथ आना केवल एक संयोग है. फिल्म की घोषणा मई 2026 में की गई थी, जबकि दान चोरी/चंदे से जुड़ा विवाद हाल ही में सामने आया है.
‘चोर हर जगह होते हैं, मंदिर को दोष नहीं दिया जा सकता’
राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा चोरी मामले पर अनुपम खेर ने कहा कि चोरी की घटना गलत है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. लेकिन किसी एक व्यक्ति की गलती की वजह से पूरे मंदिर या उसकी व्यवस्था पर सवाल उठाना ठीक नहीं है. उन्होंने कहा, “अगर किसी घर में चोरी हो जाती है तो लोग चोर को दोष देते हैं, पूरे घर को नहीं. उसी तरह मंदिर में अगर किसी ने गलत काम किया है तो उसकी जिम्मेदारी उसी की है. इससे भगवान राम, मंदिर या सनातन धर्म की प्रतिष्ठा पर कोई असर नहीं पड़ता.”
अनुपम खेर ने कहा कि राम मंदिर केवल एक इमारत नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और करीब 500 वर्षों के लंबे संघर्ष का परिणाम है. कुछ लोगों की गलत हरकत से इसकी गरिमा कम नहीं हो सकती. उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करे और जो भी दोषी है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
सनातन और आस्था पर बात करते हुए अनुपम खेर ने कहा कि मंदिर में दिया गया दान किसी फायदे या बदले की उम्मीद से नहीं, बल्कि श्रद्धा और विश्वास से दिया जाता है. इसलिए अगर कोई व्यक्ति उस भरोसे को तोड़ता है तो उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। लेकिन उस घटना को भगवान श्रीराम, मंदिर या करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जोड़ना सही नहीं होगा.
उन्होंने लोगों से भी अपील की कि किसी एक घटना की वजह से अपनी आस्था कमजोर न होने दें. गलत करने वालों को सजा मिलनी चाहिए, लेकिन मंदिर की पवित्रता और भगवान के प्रति लोगों का विश्वास हमेशा बना रहना चाहिए.
भारतीय सिनेमा में कई ऐसी सच्ची घटनाओं और ऐतिहासिक कहानियों पर फिल्में बनी हैं, जिन्होंने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया है. इनमें युद्ध, आतंकवाद, अपराध और खिलाड़ियों की जीवनी जैसी सच्ची घटनाओं पर आधारित फिल्में शामिल हैं- उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक(2019), शेरशाह (2021), भाग मिल्खा भाग (2013), होटल मुंबई (2018)…
अनुपम खेर लंबे समय से ऐसी फिल्मों का हिस्सा रहे हैं, जिनकी कहानी सच्ची घटनाओं, इतिहास और देश से जुड़े अहम विषयों पर आधारित रही है. अब उनकी नई फिल्म ‘श्री राम जन्मभूमि’ भी इसी कड़ी की अहम फिल्म मानी जा रही है.
Also Read : सौरव गांगुली @54: जिसने विदेशी जमीन पर जीतना सिखाया

