किसलय शानू, रांची
भाकपा माओवादी नक्सली संगठन में सेंट्रल कमेटी सदस्य और एक करोड़ का इनामी असीम मंडल अब सारंडा छोड़ चुका है. वर्तमान में इसके गतिविधियों की जानकारी गत 22 जून से विजयगिरि और इसके आस- पास के इलाके में होने की सुरक्षा एजेंसियों को मिल रही है. यह इलका रांची और सरायकेला के सीमावर्ती क्षेत्र में है.इसके साथ छह- सात की संख्या में और नक्सली है. इसके गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद एक बार फिर से सरायकेला और रांची पुलिस ने इसके गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी है, ताकि योजना बनाकर घेराबंदी के बाद आवश्यक कार्रवई की जा सकें. जानकारी के अनुसार असीम मंडल का पूरा नाम असीम मंडल उर्फ आकाश उर्फ तिमिर है. यह मूल रूप से पश्चिम बंगाल के पश्चिम मिदनापुर जिला के चंद्रकोणा थाना क्षेत्र के उत्तर फूलचक का रहने वाला है.
असीम मंडल की दलमा जाने की है योजना
मिली जानकारी के अनुसार सुरक्षाबलों के साथ एनकाउंटर से बचने के लिए असीम मंडल अब भागा- भागा फिर रहा है. वर्तमान में उसकी योजना दलमा जाने की है, ताकि वहां पर दस्ता और खुद के लिए एक सुरक्षित ठिकाना की तलाश की जा सकें.
वीरेन और सचिन सहित अन्य नक्सली पहुंचे दलमा
सुरक्षा एजेंसी को इस बात की जानकारी मिली है कि वीरेन सिंह उर्फ सागर और सचिन मार्डी सारंडा दलमा पहुंच चुके हैं. इनके साथ कुछ अन्य नक्सली भी पहुंचे हैं. ये सभी असीम मंडल को अपने पास सुरक्षित लाना चाहते हैं, ताकि बैठक के बाद आगे की रणनीति तैयार की जा सकें.
सारंडा में छिपले पांच साल से असीम मंडल कर रहा था कैंप
जानकारी के अनुसार असीम मंडल लंबे समय से झारखंड में सक्रिय है. लेकिन वह करीब पांच साल से सारंडा और कोल्हान इलाके में कैंप कर रहा था. वह हाल में सुरक्षाबलों के साथ एनकाउंटर के दौरान कई बार बचकर निकलने में भी कामयाब रहा था.
चाईबासा पुलिस, एसटीएफ और सीआरपीफ के दबाव में छोड़ा सारंडा
जानकारी के अनुसार सारंडा को नक्सलियों से मुक्त कराने का टास्क चाईबासा पुलिस, एसटीएफ और सीआरपीएफ को दिया गया था. हाल के दिनों में जिस तरह से सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की घेराबंदी की थी, उससे बचने के लिए नक्सली छोटे- छोटे टीम जंगल के रास्ते भाग निकले.
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