Ranchi : असम विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर–पूर्व की राजनीति में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सक्रियता साफ दिख रही है। गुरुवार को असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद गौरव गोगोई रांची में मुख्यमंत्री आवास पहुंचे और हेमंत सोरेन से मुलाकात की। बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर संभावित राजनीतिक तालमेल और रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में शामिल अन्य नेता और चर्चा के मुद्दे
इस मौके पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और AICC महासचिव भंवर जितेन्द्र सिंह तथा झारखंड कांग्रेस प्रभारी राजू भी मौजूद रहे। बैठक में झारखंड में चल रही विकास योजनाओं के साथ-साथ राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
आदिवासी बहुल क्षेत्रों पर रणनीतिक फोकस
असम के करीब 40 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जहां बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय रहते हैं। इनमें झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से बसे आदिवासी समुदाय भी शामिल हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) इसी आधार पर संगठनात्मक विस्तार की कोशिश कर रहा है। हेमंत सोरेन के असम दौरे को इस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, ताकि भाजपा के खिलाफ विपक्षी गठबंधन को मजबूत किया जा सके।
क्षेत्रीय दलों से बढ़ता संवाद
गुरुवार को असम जातीय परिषद के अध्यक्ष लूरिनज्योति गोगोई ने भी रांची में हेमंत से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने असम के राजनीतिक हालात, चुनावी संभावनाओं और विकासात्मक मुद्दों पर चर्चा की। यह मुलाकात संभावित राजनीतिक तालमेल की दिशा में अहम संकेत है।
कांग्रेस के लिए रणनीतिक महत्व
असम में पिछले चुनावों में कांग्रेस को चुनौतियों का सामना करना पड़ा। आदिवासी वोट बैंक पर प्रभाव रखने वाले हेमंत सोरेन और JMM के साथ तालमेल कांग्रेस के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। कांग्रेस नेतृत्व मानता है कि झारखंड और पूर्वोत्तर के आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक और सामाजिक समानताएं राजनीतिक लाभ में बदल सकती हैं।
हेमंत सोरेन की राष्ट्रीय सक्रियता
हेमंत सोरेन की सक्रियता केवल क्षेत्रीय राजनीति तक सीमित नहीं है। उन्होंने कई राज्यों के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने के संकेत दिए हैं। असम में विपक्षी दलों के बीच व्यापक तालमेल बनता है तो यह आगामी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
राजनीतिक हलचल की शुरुआत
रांची में हुई मुलाकातों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि असम चुनाव से पहले राजनीतिक परिदृश्य में हलचल शुरू हो चुकी है। आने वाले महीनों में यह समीकरण और अधिक स्पष्ट और निर्णायक हो सकते हैं।
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