Ranchi : झारखंड पुलिस मुख्यालय ने हवलदारों के प्रशिक्षण को लेकर बड़ा कदम उठाया है। जिन हवलदारों ने अब तक अधिष्ठापन प्रशिक्षण नहीं लिया है, उन्हें अब अनिवार्य रूप से ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा। इसके लिए 8 मार्च 2026 की तारीख तय की गई है। कुल 500 हवलदारों को सीटीसी स्वासपुर, मुसाबनी में रिपोर्ट करना होगा।
9 मार्च से शुरू होगी 12 हफ्ते की ट्रेनिंग
हवलदारों का प्रशिक्षण 9 मार्च 2026 से शुरू होगा और यह कुल 12 हफ्तों तक चलेगा। यानी लगभग तीन महीने तक उन्हें प्रशिक्षण केंद्र में रहकर पूरी ट्रेनिंग लेनी होगी। सीटीसी स्वासपुर, मुसाबनी के पुलिस अधीक्षक को साफ निर्देश दिया गया है कि तय पाठ्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षण शुरू कराया जाए। साथ ही 16 मार्च 2026 तक प्रशिक्षण में पहुंचे हवलदारों की सूची हार्ड और सॉफ्ट कॉपी में मुख्यालय को भेजनी होगी।
इन हवलदारों को नहीं भेजा जाएगा
आदेश में यह भी साफ कर दिया गया है कि हर किसी को प्रशिक्षण में नहीं भेजा जाएगा।
- चालक हवलदार
- आयुध हवलदार
- जो हवलदार निलंबित हैं
- जो प्रशिक्षण अवधि के दौरान रिटायर होने वाले हैं
इन सभी को इस सत्र में शामिल नहीं किया जाएगा।
ट्रांसफर हो गया है तो भी जाना होगा
कई बार ऐसा होता है कि सूची में नाम एक जिले का होता है, लेकिन तब तक हवलदार का ट्रांसफर कहीं और हो चुका होता है। ऐसे मामलों में भी छूट नहीं मिलेगी। जिनका नाम सूची में है, वे अपने वर्तमान नियंत्री पदाधिकारी के जरिए प्रशिक्षण निदेशालय को सूचना देकर समय पर ट्रेनिंग में शामिल होंगे।
पुराने बैच के वंचित हवलदारों को भी मौका
जो हवलदार पिछले सत्र में किसी कारण से प्रशिक्षण नहीं ले पाए थे, या जिनका नाम वरीयता क्रमांक 2559 तक है और अब तक ट्रेनिंग नहीं हुई है, उन्हें भी इस बार मौका दिया गया है। ऐसे सभी हवलदारों को भी समय पर रिपोर्ट करना होगा।
अब नए आपराधिक कानून की पढ़ाई
इस बार प्रशिक्षण में एक बड़ा बदलाव भी किया गया है। पहले जहां IPC, CrPC और साक्ष्य अधिनियम पढ़ाया जाता था, अब उसकी जगह नए आपराधिक कानून के तहत प्रशिक्षण दिया जाएगा। यानी हवलदारों को नए कानून की पूरी जानकारी दी जाएगी, ताकि वे जमीनी स्तर पर बेहतर तरीके से काम कर सकें।
प्रशिक्षण के बाद वापस अपने जिले
आदेश में कहा गया है कि अगर अलग से कोई नया आदेश जारी नहीं होता है, तो प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सभी हवलदारों को उनके पैतृक जिले या संबंधित इकाई में वापस भेज दिया जाएगा।
क्या है इसका मकसद
पुलिस मुख्यालय का मकसद साफ है। जिन हवलदारों की ट्रेनिंग अधूरी रह गई थी, उन्हें अपडेटेड कानूनी जानकारी और बेहतर प्रशासनिक समझ दी जाए। माना जा रहा है कि इससे थानों में कामकाज की गुणवत्ता और जांच प्रक्रिया दोनों मजबूत होंगी।
यह आदेश झारखंड के आईजी ट्रेनिंग की ओर से जारी किया गया है। अब सभी जिलों को तय समय पर अपने-अपने हवलदारों को भेजने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
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