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    Home»जोहार ब्रेकिंग»झारखंड : JPSC-JSSC प्रदर्शन पर सियासत गरम, इरफान अंसारी बोले- ‘हम गोलियां नहीं चलाएंगे, प्यार से खत्म करेंगे विरोध’
    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंड : JPSC-JSSC प्रदर्शन पर सियासत गरम, इरफान अंसारी बोले- ‘हम गोलियां नहीं चलाएंगे, प्यार से खत्म करेंगे विरोध’

    Muskan ChoudharyBy Muskan ChoudharyAugust 5, 2026Updated:August 5, 2026No Comments6 Mins Read4
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    irfan Ansari
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    झारखंड में JPSC और JSSC की परीक्षाओं को लेकर छात्रों का विरोध लगातार राजनीतिक बहस का मुद्दा बना हुआ है. राजधानी रांची की सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की मांगों के बीच अब सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है. छात्र परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी की जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. दूसरी ओर, सरकार लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि छात्रों की समस्याओं को बातचीत के जरिए सुलझाया जाएगा.

    इसी बीच झारखंड सरकार के स्वास्थ मंत्री इरफान अंसारी का बयान चर्चा में है. जब उनसे पूछा गया कि क्या कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल JPSC-JSSC विरोध प्रदर्शन को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात करेगा, तो उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पहले से ही इस मुद्दे पर नेतृत्व कर रहे हैं. उन्होंने प्रदर्शन की तुलना दूसरे राज्यों में हुए आंदोलनों से करने पर भी सवाल उठाया और कहा कि झारखंड की स्थिति अलग है.

    इरफान अंसारी ने कहा कि यह दिल्ली नहीं है और न ही यहां वैसा विरोध प्रदर्शन हुआ है जैसा वहां पेपर लीक के मामलों में देखने को मिला. उनके मुताबिक, झारखंड में पेपर लीक और परीक्षा में सामने आई गड़बड़ियों को एक ही नजर से नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यहां गलतियां सामने आई हैं और सरकार ने उन पर कार्रवाई की दिशा में कदम उठाए हैं.

    मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर छात्र संगठनों का विरोध सरकार के लिए चुनौती बनता जा रहा है. प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और अगर कहीं गड़बड़ी हुई है तो उसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए.

    यह बात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आंदोलन अब सिर्फ परीक्षा से जुड़े प्रशासनिक सवाल तक सीमित नहीं रह गया है. छात्रों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि सरकारी भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता कैसे कायम रखी जाए और अभ्यर्थियों को यह भरोसा कैसे दिया जाए कि उनकी मेहनत किसी प्रशासनिक या संस्थागत चूक की वजह से प्रभावित नहीं होगी.

    “उत्तर प्रदेश पेपर लीक का हब” – इरफान अंसारी

    इरफान अंसारी ने आगे का कहा, ” उत्तर प्रदेश पेपर लीक का हब है, वहां हर 6 महीने में पेपर लीक होता है.  फिर भी वहां कोई आवाज नहीं उठाता या सड़क पर नहीं उतरता क्योंकि अगर वे ऐसा करते हैं, तो उन्हें गोली मार दी जाएगी.  गुजरात का भी यही हाल है, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान का भी यही हाल है. “

    यह अंतर राजनीतिक तौर पर भी महत्वपूर्ण है. क्योंकि किसी प्रतियोगी परीक्षा में पेपर लीक का आरोप लगने पर सीधे तौर पर परीक्षा की गोपनीयता और पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठता है. वहीं परीक्षा संचालन में गड़बड़ी, नियमों के उल्लंघन या प्रशासनिक चूक के मामले में जांच का दायरा अलग हो सकता है.

    हालांकि छात्रों के लिए दोनों परिस्थितियों का असर एक जैसा हो सकता है. महीनों और कई बार वर्षों तक तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी उनके भविष्य पर असर डालती है. यही वजह है कि छात्र सिर्फ आश्वासन नहीं बल्कि स्पष्ट कार्रवाई और जवाबदेही की मांग करते हैं.

    ‘हमारे ही आयोग के खिलाफ कार्रवाई हुई’

    इरफान अंसारी ने अपने बयान में झारखंड को दूसरे राज्यों से अलग बताते हुए कहा कि यहां मुख्यमंत्री, सरकार की एजेंसी और पुलिस ने अपने ही आयोग के खिलाफ कार्रवाई की है. उन्होंने इसे सरकार की कार्रवाई का उदाहरण बताया. मंत्री ने दावा किया कि झारखंड में अगर किसी संस्थान या आयोग की भूमिका पर सवाल उठा है तो सरकार ने उसे नजरअंदाज नहीं किया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ी है.

    इस बयान का राजनीतिक संदेश साफ है. सरकार यह बताने की कोशिश कर रही है कि वह छात्रों के सवालों से बच नहीं रही, बल्कि अपने ही सिस्टम की कमियों की जांच कर रही है.

    हालांकि छात्रों के लिए अगला बड़ा सवाल यही है कि जांच का अंतिम नतीजा क्या होगा. क्या दोषियों की पहचान होगी. क्या जिम्मेदारी तय होगी. क्या परीक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाएगा. और सबसे महत्वपूर्ण, क्या अभ्यर्थियों को उनकी मेहनत और भविष्य को लेकर भरोसा मिल पाएगा.

    छात्रों के सामने सबसे बड़ा सवाल. भरोसा कैसे लौटेगा?

    JPSC और JSSC जैसी परीक्षाएं सिर्फ सरकारी नौकरी पाने का माध्यम नहीं हैं. झारखंड के हजारों युवाओं के लिए ये परीक्षाएं सामाजिक और आर्थिक बदलाव की उम्मीद भी हैं. छोटे शहरों और गांवों से आने वाले अभ्यर्थी वर्षों तक तैयारी करते हैं. परिवार उनकी पढ़ाई पर पैसा और समय लगाते हैं. कई युवा नौकरी की उम्मीद में दूसरी नौकरियों या निजी क्षेत्र के विकल्पों को छोड़कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं.

    ऐसे में जब परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं तो असर सिर्फ एक परीक्षा तक नहीं रहता. इसका असर अभ्यर्थियों के मानसिक दबाव, परिवार की उम्मीदों और पूरे भर्ती सिस्टम पर भरोसे पर पड़ता है.

    यही वजह है कि इस समय सरकार और छात्रों के बीच संवाद सबसे महत्वपूर्ण हो जाता है. प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की आवाज को सुना जाना और सरकार की ओर से जांच की स्थिति स्पष्ट करना दोनों जरूरी हैं.

    ‘बातचीत के दरवाजे खुले हैं’- इरफान अंसारी

    इरफान अंसारी ने अपने बयान के अंत में सरकार की रणनीति को स्पष्ट करते हुए कहा कि बातचीत के दरवाजे खुले हैं और समाधान बातचीत के जरिए ही निकलेगा. उन्होंने कहा कि सरकार गोलियां नहीं चलाएगी बल्कि प्यार से विरोध प्रदर्शन खत्म करेगी. यह बयान मौजूदा परिस्थिति में सरकार की ओर से एक राजनीतिक और प्रशासनिक संदेश भी है. सरकार अगर वास्तव में बातचीत के रास्ते पर आगे बढ़ती है तो छात्रों की मांगों को लेकर एक स्पष्ट संवाद की जरूरत होगी.

    दूसरी तरफ, छात्रों के लिए भी आंदोलन की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार उनकी मांगों पर कितना ठोस आश्वासन देती है. सिर्फ बातचीत की पेशकश और वास्तविक समाधान के बीच का अंतर भी यहां महत्वपूर्ण होगा. झारखंड में JPSC-JSSC का विवाद अब केवल परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया का मामला नहीं रह गया है. यह युवाओं के भरोसे, सरकारी संस्थाओं की विश्वसनीयता और सरकार की जवाबदेही से जुड़ा सवाल बन चुका है.

    अब निगाहें इस बात पर हैं कि बातचीत की मेज पर सरकार और छात्रों के बीच क्या सहमति बनती है. क्योंकि सड़कों पर खड़े हजारों अभ्यर्थियों के लिए यह सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि उनके भविष्य का सवाल है. सरकार के सामने चुनौती भी यही है कि वह इस भरोसे को सिर्फ बयान से नहीं, बल्कि कार्रवाई और पारदर्शिता के जरिए वापस हासिल करे.

    Also Read : झारखंड़ पुलिस को फिर मिली बड़ी सफलता, 22 लाख के तीन खूंखार नक्सली गिरफ्तार, AK-47 समेत हथियार बरामद

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