Ranchi : रांची के रातू प्रखंड क्षेत्र में बाल विवाह रोकने के लिए 100-दिवसीय अभियान के तहत विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम रातू थाना परिसर और चटकपुर पंचायत भवन में हुआ। इसे माननीय नालसा द्वारा संचालित आशा अभियान के तहत तीसरे-चौथे दिन के लिए आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा, पीएलवी डॉ. अनिल कुमार वर्मा, निशांत निश्चल, पुष्पलता देवी, नेहा तिर्की, अफरोज अंसारी, सुनीता देवी, प्रितम सक्सेना, सुजिता देवी, पुनम देवी और राजा वर्मा सहित कई लोग उपस्थित रहे।

डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि 18 साल से कम उम्र की लड़कियों और 21 साल से कम उम्र के लड़कों का विवाह बाल विवाह कहलाता है। इससे बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है, भविष्य प्रभावित होता है, घरेलू हिंसा का खतरा बढ़ता है, कम उम्र में गर्भावस्था से स्वास्थ्य जोखिम बढ़ता है और आर्थिक निर्भरता पैदा होती है। उन्होंने कहा कि जागरूकता बढ़ाना, लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देना, कानून का पालन और बाल संरक्षण सेवाओं (जैसे हेल्पलाइन 1098 और टोल-फ्री नंबर 15100) का उपयोग करना जरूरी है।
पीएलवी डॉ. अनिल कुमार वर्मा ने उपस्थित लोगों को डायन प्रथा के खतरों के बारे में जागरूक किया और कहा कि डायन कहकर किसी को संबोधित करना अपराध है।
कार्यक्रम में अन्य प्रतिभागियों ने भी विभिन्न योजनाओं और सेवाओं के बारे में जानकारी दी। पुष्पलता देवी ने विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन और प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी दी। सुजिता देवी और सुनिता देवी ने लोक अदालत और मध्यस्थता के बारे में बताया। अफरोज अंसारी और प्रीतम सक्सेना ने पीड़ित मुआवजा की जानकारी साझा की। नेहा तिर्की और पुनम देवी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रांची के बारे में जानकारी दी और मौके पर पम्पलेट व लिफलेट का वितरण भी किया गया।
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