Ranchi : सीएम हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को हुई झारखंड कैबिनेट की बैठक में विकास, आधारभूत संरचना, सिंचाई, खनन, वन एवं पर्यावरण, कर्मचारियों के हित और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट की बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों में सड़क, सिंचाई और खनन परियोजनाओं पर हजारों करोड़ रुपये के निवेश का रास्ता साफ हुआ। बैठक में राजधानी रांची के लिए सबसे महत्वपूर्ण निर्णय नामकुम से डोरंडा मार्ग को चार लेन में विकसित करने को लेकर लिया गया। इस परियोजना के लिए 162.82 करोड़ रुपये की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। इस योजना में सड़क चौड़ीकरण, मजबूतीकरण, भू-अर्जन और यूटिलिटी शिफ्टिंग जैसे कार्य शामिल हैं। इससे राजधानी में यातायात व्यवस्था बेहतर होने और लोगों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
पलामू की अमानत बराज योजना को मिली बड़ी मंजूरी
कैबिनेट ने पलामू जिले की महत्वाकांक्षी अमानत बराज योजना के लिए 947.26 करोड़ रुपये के तृतीय पुनरीक्षित प्राक्कलन को मंजूरी दे दी। सरकार का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही राज्य में बांधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बांध सुरक्षा अधिनियम 2021 के तहत स्वतंत्र विशेषज्ञ पैनल के गठन को भी मंजूरी दी गई।
खनन क्षेत्र में कई बड़े फैसले
बैठक में बोकारो जिले के चंदनकियारी क्षेत्र स्थित पर्वतपुर कोल ब्लॉक में 2174.52 एकड़ भूमि पर कोयला खनन पट्टा स्वीकृत किया गया। इसके अलावा सीतानाला कोल ब्लॉक के लिए भी खनन पट्टा मंजूर किया गया। गोड्डा जिले के सुंदरपहाड़ी अंचल स्थित जीतपुर कोल ब्लॉक के 497.10 हेक्टेयर क्षेत्र में कोयला खनन के लिए टेरी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड को स्वीकृति दी गई। जमशेदपुर जिले में हरियान, बारूनमूति, चडरीबुरू और गुड़ाबांधा एमराल्ड खनिज ब्लॉक को आरक्षित करने के लिए केंद्र सरकार से अनुमोदन प्राप्त करने का निर्णय भी लिया गया।
कर्मचारियों और संविदाकर्मियों को राहत
राज्य सरकार ने विभिन्न कार्यालयों में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों के पदों के वेतनमान एवं संविदा भुगतान को स्वीकृति दी। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों के लिए क्रेडिट सुविधा, अग्रिम वेतन, बीमा उत्पाद और अन्य मूल्यवर्धित सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। गोड्डा समाहरणालय के पांच तथा बोकारो समाहरणालय के दो अनियमित रूप से नियुक्त कर्मियों की सेवा नियमितीकरण को भी स्वीकृति प्रदान की गई। वहीं मोटरयान निरीक्षक नियुक्ति से जुड़े लंबित मामलों में उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का निर्णय लिया गया।
डिजिटल नेटवर्क और महिला हेल्पलाइन को बढ़ावा
राज्य की डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए Jharnet 2.0 परियोजना की अवधि 31 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी गई। इसके लिए 65.50 करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी गई है। महिला हेल्पलाइन 181 की निर्बाध सेवाएं जारी रखने के लिए सेवा प्रदाता एजेंसी के अनुबंध विस्तार को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी। इससे महिलाओं को आपातकालीन सहायता सेवाएं निरंतर उपलब्ध होती रहेंगी।
वन, पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण पर भी जोर
कैबिनेट ने जंगली जानवरों द्वारा जन-धन की क्षति होने पर मुआवजा भुगतान संबंधी नियमों में संशोधन को मंजूरी दी। साथ ही क्षतिपूरक वनरोपण के लिए सरकारी भूमि हस्तांतरण से जुड़े मामलों के निस्तारण की शक्ति उपायुक्तों को देने का निर्णय लिया गया। वन विभाग में कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन के लिए विभागीय, पीस वेजेज और ठेकेदार पद्धति वाले हाईब्रिड मॉडल को अपनाने की भी स्वीकृति दी गई।
कानूनी और प्रशासनिक नियुक्तियों पर भी मुहर
कैबिनेट ने झारखंड के महाधिवक्ता के रूप में रोहितश्य रॉय की नियुक्ति को घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की। इसके अलावा अपर महाधिवक्ता अच्युत केशव को वरीय अपर महाधिवक्ता के पद पर पदोन्नत करने का निर्णय लिया गया। बैठक में भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और राज्य वित्त संबंधी रिपोर्टों को आगामी विधानसभा सत्र में पेश करने की स्वीकृति भी दी गई।
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