Ranchi : झारखंड की महिला पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के बेहतर स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इंडियन पुलिस सर्विस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन (IPSOWA) की ओर से 8 अप्रैल 2026 को रांची स्थित जैप-01 परिसर में एक विशेष निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर जैप-01 के शौर्य सभागार में लगाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिला जवानों ने स्वास्थ्य जांच कराई। शिविर का उद्घाटन डीजीपी तदाशा मिश्र और एडीजी प्रिया दुबे के द्वारा किया गया। इस अवसर पर अधिकारियों ने इप्सोवा की इस पहल को महिला पुलिसकर्मियों के लिए बेहद जरूरी और सराहनीय बताया।

महिला पुलिसकर्मियों के लिए स्वास्थ्य को प्राथमिकता
पुलिस विभाग में महिला कर्मियों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। कठिन ड्यूटी, लंबा समय, तनाव और जिम्मेदारियों के कारण कई बार महिला जवान अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दे पातीं। इसी को देखते हुए IPSOWA ने इस शिविर के माध्यम से महिला जवानों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें जागरूक करने का प्रयास किया। इस शिविर का उद्देश्य केवल इलाज तक सीमित नहीं था, बल्कि महिलाओं में स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाना और उनकी शंकाओं का समाधान करना भी रहा।
कैंसर और स्त्री रोग जांच की विशेष सुविधा
शिविर में महिला जवानों के लिए स्त्री रोग से जुड़ी जांच और कैंसर स्क्रीनिंग की विशेष व्यवस्था की गई। इसमें सर्वाइकल कैंसर और स्तन कैंसर की जांच के साथ-साथ पीएपी स्मियर टेस्ट की निःशुल्क सुविधा की जानकारी भी दी गई। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने महिलाओं को बताया कि समय पर जांच और सही जानकारी से गंभीर बीमारियों को शुरुआती चरण में ही रोका जा सकता है।

बच्चों के स्वास्थ्य पर भी दिया गया परामर्श
शिविर में महिला जवानों के बच्चों के लिए भी विशेष परामर्श की सुविधा रखी गई। इसमें ऑटिज्म, मिर्गी, डाउन सिंड्रोम और स्पीच डिले जैसी न्यूरो-डेवलपमेंटल समस्याओं को लेकर डॉक्टरों ने परामर्श दिया। डॉक्टरों ने अभिभावकों को बताया कि बच्चों में किसी भी तरह के विकास संबंधी बदलाव को नजरअंदाज न करें और समय रहते विशेषज्ञ से सलाह लें।
स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली पर जागरूकता सत्र
स्वास्थ्य शिविर के दौरान एक विशेष जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया। इसमें स्वच्छता, हाइजीन, खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। महिला जवानों को यह समझाया गया कि व्यस्त दिनचर्या के बावजूद नियमित जांच, संतुलित आहार और मानसिक तनाव से बचाव बहुत जरूरी है।
‘डॉक्टर्स टॉक’ सत्र रहा मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘डॉक्टर्स टॉक’ सत्र रहा। इस दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों ने विभिन्न बीमारियों के शुरुआती लक्षण, रोकथाम और इलाज से संबंधित आसान भाषा में जानकारी दी। डॉक्टरों ने बताया कि कई बीमारियां शुरुआती लक्षणों में ही पहचान ली जाएं तो इलाज आसान हो जाता है और जीवन को बचाया जा सकता है।
शिविर में इन डॉक्टरों ने दी सेवाएं
स्वास्थ्य शिविर में कई अनुभवी डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं दीं, जिनमें प्रमुख रूप से—
- डॉ. अपेक्षा पाठक (न्यूरोडेवलपमेंटल पीडियाट्रिशियन)
- डॉ. नम्रता माहनसरिया (कंसल्टेंट ब्रेस्ट ऑन्कोलॉजिस्ट, रियो ट्रस्ट अस्पताल)
- डॉ. निशा झा (गायनेकोलॉजिस्ट एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जन, भारती मदर एंड चाइल्ड केयर सेंटर)
इसके अलावा जे. शरण और सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार का भी शिविर में महत्वपूर्ण योगदान रहा।
इप्सोवा की टीम रही मौजूद
इस अवसर पर इप्सोवा की सचिव श्रीमती नेहा सागर, श्रीमती चीनू कुमार, श्रीमती मेबल माईकल, श्रीमती विधि पटेल, श्रीमती दिव्या भास्कर, डॉ. सूफीया, डॉ. दीपा मिश्रा, डॉ. आस्था रमन सहित IPSOWA के कई अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
पिछले वर्ष भी हुआ था आयोजन
बताया गया कि IPSOWA द्वारा पिछले वर्ष भी इसी तरह का स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया था। यह संस्था लगातार सामाजिक जागरूकता और स्वास्थ्य कार्यक्रमों के माध्यम से पुलिस परिवारों के हित में काम करती रही है।
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