Ranchi : रांची में इन दिनों एलपीजी सिलेंडरों की कमी ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। घरों की रसोई से लेकर होटल, ढाबा और छोटे कारोबार तक सब प्रभावित हैं। ऐसे में लोग अब कोयले की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे इसकी मांग अचानक बढ़ गई है।
प्रशासन ने बुलाई अहम बैठक
स्थिति को संभालने के लिए जिला प्रशासन ने तुरंत कदम उठाया। DC मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में समाहरणालय में एक अहम बैठक हुई, जिसमें कोल कंपनियों और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में साफ तौर पर माना गया कि गैस की कमी के चलते कोयले की मांग तेजी से बढ़ी है और इसकी सप्लाई दुरुस्त करना अब जरूरी हो गया है।
“जनता को परेशानी नहीं होने देंगे”
DC ने साफ कहा कि किसी भी हालत में आम जनता को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोयले की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में सुनिश्चित की जाए और लोगों को सही कीमत पर अच्छी क्वालिटी का कोयला मिले।
कोयला बना बड़ा विकल्प
गैस की किल्लत के बीच कोयला अब एक बड़ा विकल्प बनकर सामने आया है। प्रशासन का फोकस इस बात पर है कि सप्लाई चेन मजबूत रहे, ताकि कहीं भी कमी की स्थिति न बने और लोगों को आसानी से कोयला मिल सके।
कोल कंपनियों के साथ तालमेल पर जोर
बैठक में सेल और सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर इस स्थिति से निपटने के लिए आपसी तालमेल से काम करने पर सहमति जताई। कोयले का उत्पादन बढ़ाने, ट्रांसपोर्ट और वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।
कालाबाजारी पर सख्ती की चेतावनी
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कोयले की कालाबाजारी या कृत्रिम कमी पैदा करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। इसके लिए निगरानी तंत्र मजबूत करने और बाजार पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जरूरतमंदों को मिलेगा सहारा
बैठक में यह भी तय किया गया कि जरूरतमंद लोगों और छोटे व्यापारियों को सीएसआर के जरिए मदद दी जाएगी, ताकि वे इस संकट के दौर में संभल सकें।
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