संसद के बाहर भाजपा के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष और सांसद आदित्य प्रसाद साहू ने कांग्रेस और झारखंड सरकार पर जमकर निशाना साधा. मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के समर्थन से झारखंड में सरकार चल रही है और पिछले करीब छह वर्षों से राज्य में लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं के मामले सामने आ रहे हैं.
आदित्य प्रसाद साहू ने कहा कि चाहे उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा हो, JPSC, CGL, JSSC या सिपाही भर्ती परीक्षा—लगातार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है. उन्होंने उत्पाद सिपाही भर्ती की दौड़ के दौरान 19 अभ्यर्थियों की मौत का मुद्दा भी उठाया और कांग्रेस से सवाल किया कि वह इस मामले पर चुप क्यों है.
उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस सरकार राज्य की एजेंसी CID के माध्यम से मामलों की जांच करा रही है, जबकि ऐसे मामलों की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी CBI से कराई जानी चाहिए. उन्होंने दावा किया कि इससे पहले भी शराब घोटाले की जांच राज्य की एजेंसी के माध्यम से कराई गई थी और मामले को दबाने का प्रयास किया गया.
मृत अभ्यर्थियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस को झारखंड सरकार पर दबाव बनाकर उत्पाद सिपाही भर्ती की दौड़ में जान गंवाने वाले 19 अभ्यर्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिलाने की मांग करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस मुद्दे पर झारखंड में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.
आदित्य प्रसाद साहू ने कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में कांग्रेस जांच की मांग करती है, लेकिन झारखंड में उसकी सरकार को समर्थन प्राप्त है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं को झारखंड आकर जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए.
‘दोहरी राजनीति नहीं चलेगी’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की कथित दोहरी राजनीति अब नहीं चलेगी. उन्होंने राज्य में हुई परीक्षा संबंधी अनियमितताओं की CBI जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए.
आदित्य प्रसाद साहू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पहले भी झारखंड के आंदोलनों को पैसे के बल पर प्रभावित करने का प्रयास किया और अब राज्य के बच्चों के भविष्य तथा रोजगार के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. उन्होंने कांग्रेस नेताओं से झारखंड के छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर खुलकर सामने आने की मांग की.
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