Dumka : समाज में फैली कुरीतियों को खत्म करने और लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग के महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की ओर से शुक्रवार को कन्वेंशन सेंटर में प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला सामाजिक कुरीति निवारण, राज्य सरकार की योजनाएं और बाल विवाह मुक्त झारखंड विषय पर केंद्रित रही। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह और डायन प्रथा जैसी अमानवीय परंपराओं के प्रति लोगों को जागरूक करना और महिलाओं व किशोरियों को सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना था।
बाल विवाह संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि बाल विवाह कानूनन एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है, जिसके लिए सख्त सजा का प्रावधान है। किसी भी तरह की संदिग्ध स्थिति में महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और पुलिस हेल्पलाइन 112 पर तुरंत सूचना देने की अपील की गई।
ग्रामीण इलाकों में आज भी बड़ी समस्या
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद नलिन सोरेन ने कहा कि बाल विवाह और डायन प्रथा आज भी समाज के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में कम उम्र में बच्चियों की शादी कर दी जाती है, जिससे उनके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि कम उम्र में विवाह होने से बच्चियों को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिसका असर पूरे जीवन पर पड़ता है। यह केवल बच्चियों के भविष्य को ही नहीं, बल्कि समाज की प्रगति को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम केवल जिला स्तर तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि पूरे देश में आयोजित किए जाने चाहिए।
कानून के साथ समाज की भूमिका जरूरी
जामा विधायक डॉ. लुईस मरांडी ने कहा कि आज भी समाज में बाल विवाह जैसी कुप्रथाएं देखने को मिलती हैं। सरकार ने इसके खिलाफ सख्त कानून बनाए हैं, लेकिन उनका सही तरीके से पालन कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किशोरियों को शारीरिक और मानसिक रूप से परिपक्व होने का पूरा अवसर मिलना चाहिए, ताकि वे अपने जीवन से जुड़े फैसले खुद ले सकें। इसके लिए अभिभावकों की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के लिए समाज, प्रशासन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया और सभी से सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एकजुट होकर काम करने की अपील की।
शपथ और सम्मान
कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्ष जॉयस बेसरा और डीडीसी अनिकेत सचान ने भी अपने विचार रखे और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों पर चिंता जताई। इस मौके पर उपस्थित लोगों को बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण की शपथ दिलाई गई। बाल विवाह रोकने की दिशा में सराहनीय कार्य करने के लिए हीरामनि टुडू सेविका विजयबांध, बसंती मुर्मू मुखिया पंचायत नाचनगढ़िया और कमीशन सोरेन मुखिया पंचायत भूटकोडिया को सम्मानित किया गया। इसके अलावा सामाजिक कुरीति निवारण से जुड़े जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, ताकि गांव-गांव जाकर लोगों को बाल विवाह और अन्य कुरीतियों के खिलाफ जागरूक किया जा सके।
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