Bokaro : बोकारो जिले में वित्तीय अनुशासन को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। गुरुवार को डीसी अजय नाथ झा और डीडीसी शताब्दी मजूमदार ने जिला कोषागार का निरीक्षण किया और साफ कर दिया कि अब किसी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं होगी।
हर साल दो बार होगा कोषागार का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान डीसी ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि अब हर वित्तीय वर्ष में दो बार यानी अप्रैल और अक्टूबर में कोषागार का अनिवार्य निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने जिला स्थापना शाखा को निर्देश दिया कि जब तक निरीक्षण पूरा नहीं होगा, तब तक उस महीने का वेतन जारी नहीं किया जाएगा। इससे साफ है कि अब हर प्रक्रिया पर नजर रखी जाएगी।

वेतन भुगतान से पहले होगी पूरी जांच
डीसी ने सभी डीडीओ को सख्त निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के वेतन से जुड़े सभी कागजात की जांच कर कमेटी के सामने रखें। कमेटी से हरी झंडी मिलने के बाद ही फाइल डीसी के पास जाएगी और उसके बाद ही कोषागार से भुगतान होगा। मतलब अब बिना जांच के कोई भुगतान नहीं होगा।
गड़बड़ी पर सीधे कार्रवाई की चेतावनी
निरीक्षण के दौरान डीसी ने साफ कहा कि अगर किसी भी स्तर पर अनियमितता या गड़बड़ी पाई गई तो संबंधित अधिकारी या कर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जिले की वित्तीय व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाएगा।
पुराने निर्देशों की भी हुई समीक्षा
इस मौके पर डीसी ने पहले दिए गए निर्देशों के पालन की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि ज्यादातर निर्देशों का पालन किया गया है, जिस पर डीसी ने संतोष जताया। साथ ही आगे भी इसी तरह काम करने को कहा।
ये अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान डीडीसी शताब्दी मजूमदार, अपर समाहर्ता मो. मुमताज अंसारी, नोडल पदाधिकारी पंकज दुबे, जिला कोषागार पदाधिकारी गुलाब चंद उरांव समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
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