Johar Live Desk : पाकुड़ जिले के स्कूली बच्चों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से जर्जर और खस्ताहाल स्कूल भवनों में पढ़ाई कर रहे बच्चों को अब जल्द ही बेहतर और सुरक्षित माहौल मिल सकेगा। शिक्षा विभाग ने जिले भर में ऐसे सभी स्कूल भवनों की पहचान कर ली है जो अब पढ़ाई के लिए उपयुक्त नहीं रह गए हैं। इन जर्जर भवनों को पूरी तरह से ध्वस्त कर उनकी जगह पर नए भवनों का निर्माण कराया जाएगा।
इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी अनिता पुरती ने बताया कि सदर, लिट्टीपाड़ा और हिरणपुर प्रखंडों में करीब 50 से अधिक स्कूल भवन पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। इनकी सूची तैयार कर विभाग ने भवन निर्माण विभाग को भेज दी है, ताकि निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सके। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए यह फैसला जरूरी हो गया था।
डीईओ ने प्राथमिक विद्यालय उदयनारायणपुर का खुद निरीक्षण किया और उसकी जर्जर स्थिति को लेकर उपायुक्त को अवगत कराया है। इस स्कूल की मरम्मत का काम जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट की राशि से किया जाएगा।
पाकुड़ जिले में कई ऐसे स्कूल भवन हैं, जिनकी दीवारें दरक चुकी हैं, छतें गिरने की स्थिति में हैं और पिलर भी कमजोर हो चुके हैं। ऐसे भवनों में बच्चों की पढ़ाई कराना सीधे-सीधे खतरे को न्योता देने जैसा था। शिक्षा विभाग ने साफ निर्देश जारी किए हैं कि जिन स्कूलों की इमारतें खतरनाक स्थिति में हैं, वहां से छात्रों को तुरंत किसी सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर पढ़ाई कराई जाए।
इन स्कूलों की सूची में प्राथमिक विद्यालय जगतपुर, पियर्सोल, धनगढ़ा, जामबाद, और खुटामारा जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा, उत्क्रमित प्राथमिक और उच्च विद्यालयों की बड़ी संख्या भी शामिल है, जहां भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं।
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