राजधानी का सबसे पॉश और वीआईपी इलाका अशोकनगर बीती रात चोरों के निशाने पर रहा. यहां के रोड नंबर एक स्थित शहर के नामचीन बिल्डर और बड़े कारोबारी अखिलेश पांडेय के आलीशान मकान में चोरों ने धावा बोला. शातिर चोर घर से करोड़ों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात समेटकर रफूचक्कर हो गए. घटना के बाद से पूरे इलाके के रसूखदार लोगों में हड़कंप मचा हुआ है.
मिली जानकारी के अनुसार चोरों ने इस वारदात को बेहद शातिर और फिल्मी अंदाज में अंजाम दिया. देर रात नकाबपोश चोरों का गिरोह अखिलेश पांडेय के घर के बाहर पहुंचा. चोरों ने मेन गेट के बजाय घर के पिछले हिस्से को चुना. वे घर की दीवार पर लगे प्लास्टिक के ड्रेनेज पाइप के सहारे ऊपर चढ़ गए और फिर घर में एंट्री मारी.
ऐसा लग रहा था कि चोरों को घर के चप्पे-चप्पे की जानकारी थी. उन्होंने सीधे उस अलमारी को निशाना बनाया, जहां कीमती जेवरात रखे थे. लॉकर तोड़कर चोरों ने करोड़ों की ज्वेलरी अपने कब्जे में ली. खास बात यह है कि वारदात को अंजाम देने के बाद चोरों ने भागने के लिए भी उसी ड्रेनेज पाइप का इस्तेमाल किया और आसानी से उतरकर फरार हो गए.
वारदात का पता गुरुवार को सुबह तब चला जब परिवार के सदस्य सोकर उठे. कमरे के अंदर अलमारी का ताला टूटा हुआ था और लॉकर खाली था. कीमती गहने गायब देख परिवार के होश उड़ गए. आनन-फानन में इसकी सूचना हटिया डीएसपी नीरज कुमार औरअरगोड़ा थाना की पुलिस को दी गई. वीआईपी इलाके में चोरी की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई.
सूचना मिलते ही हटिया डीएसपी नीरज, स्थानीय थाना पुलिस और FSL की टीम खोजी कुत्तों के साथ मौके पर पहुंची. फॉरेंसिक टीम ने पाइप और अलमारी के पास से फिंगरप्रिंट्स डेवलप किए हैं. पुलिस ने जब घर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला, तो उसमें संदिग्ध चोर नजर आये. वारदात को अंजाम देने आए सभी अपराधियों ने पुलिस से बचने के लिए अपने चेहरे को कपड़े से पूरी तरह ढक रखा था. पीठ पर बैग टांगे चोरों का मूवमेंट बेहद प्रोफेशनल लगा. चेहरे ढके होने के कारण फिलहाल उनकी पहचान नहीं हो सकी है.
मामले में हटिया डीएसपी नीरज कुमार ने कहा, “अशोकनगर में बिल्डर अखिलेश पांडे के घर चोरी की बड़ी वारदात हुई है. चोरों ने घर में घुसने के लिए पाइप का सहारा लिया. पुलिस की तीन टीमें सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल इनपुट्स के आधार पर चोरों के हुलिए का मिलान कर रही है. शहर के पुराने चोर गिरोहों के डोजियर भी खंगाले जा रहे हैं. जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा.”
Also Read : झारखंड पुलिस के 153 आश्रितों को अनुकंपा पर नौकरी, DGP के निर्देश पर बैठी हाईलेवल कमेटी ने लगाई मुहर

