Ranchi : रांची-गुमला मार्ग पर सफर करने वाले वाहन चालकों को फिर बड़ा झटका लगा है। मांडर टोल प्लाजा पर एक महीने के अंदर दूसरी बार टोल टैक्स बढ़ा दिया गया है। पहले 1 अप्रैल को प्रति वाहन 5 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी, और अब 1 मई से फिर टोल दरों में भारी इजाफा कर दिया गया है। इस बार बढ़ोतरी इतनी ज्यादा है कि अलग-अलग वाहनों पर 40 रुपये से लेकर 275 रुपये तक अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। इस फैसले के बाद रोज इस रास्ते से आने-जाने वाले लोगों, ट्रांसपोर्टरों और व्यवसायियों में नाराजगी बढ़ने लगी है। लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ते टोल टैक्स से सफर करना अब जेब पर भारी पड़ने लगा है।
कार, जीप और वैन वालों को भी बड़ा झटका
मांडर टोल प्लाजा के मैनेजर अभिषेक साहू के मुताबिक, कार, जीप, वैन और दूसरे हल्के निजी वाहनों के लिए पहले सिंगल जर्नी का टोल 80 रुपये था, जो अब बढ़कर 120 रुपये हो गया है। यानी सीधे 40 रुपये की बढ़ोतरी। वहीं, उसी दिन वापसी यानी सेम डे रिटर्न जर्नी के लिए पहले 115 रुपये देने पड़ते थे, अब इसके लिए 180 रुपये चुकाने होंगे।
कमर्शियल वाहनों पर और ज्यादा असर
कमर्शियल वाहन और लाइट गुड्स व्हीकल के लिए भी टोल दरों में अच्छी-खासी बढ़ोतरी की गई है। पहले जहां सिंगल जर्नी के लिए 125 रुपये लगते थे, अब 195 रुपये देने होंगे। वहीं रिटर्न जर्नी का शुल्क 190 रुपये से बढ़ाकर 290 रुपये कर दिया गया है। बस और ट्रक ऑपरेटरों के लिए भी यह बढ़ोतरी कम नहीं है। पहले सिंगल ट्रिप के लिए 265 रुपये लगते थे, अब 405 रुपये देने होंगे। सेम डे रिटर्न का शुल्क 395 रुपये से बढ़कर 610 रुपये हो गया है।
बड़े वाहनों पर सबसे ज्यादा मार
थ्री एक्सल कमर्शियल व्हीकल के लिए सिंगल जर्नी का शुल्क 285 रुपये से बढ़ाकर 445 रुपये कर दिया गया है, जबकि रिटर्न जर्नी 430 रुपये से बढ़कर 665 रुपये पहुंच गई है। चार से छह एक्सल वाले भारी वाहनों के लिए पहले सिंगल ट्रिप 410 रुपये में होती थी, अब इसके लिए 635 रुपये देने होंगे। वहीं रिटर्न जर्नी का शुल्क 620 रुपये से बढ़कर 955 रुपये हो गया है। ओवरसाइज वाहनों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। पहले जहां सिंगल जर्नी के लिए 500 रुपये लगते थे, अब 775 रुपये देने होंगे। सेम डे रिटर्न जर्नी का शुल्क 755 रुपये से बढ़कर 1165 रुपये हो गया है। सिर्फ एक बार गुजरने वाले वाहन ही नहीं, बल्कि रोज इस रूट का इस्तेमाल करने वाले लोगों को भी झटका लगा है। सभी तरह के वाहनों के मासिक पास की दरों में भी बढ़ोतरी की गई है। इससे नौकरी, कारोबार या ट्रांसपोर्ट के लिए रोज इस मार्ग से गुजरने वालों का खर्च और बढ़ेगा।
अब पूरी तरह फास्टैग पर चलेगा सिस्टम
टोल प्लाजा पर अब भुगतान व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव किया गया है। 1 मई से 100 फीसदी फास्टैग ऑटोमेटिक लेन-देन लागू कर दिया गया है। अब वाहन नंबर डालकर मैनुअल भुगतान की सुविधा बंद कर दी गई है। टोल प्रबंधन का कहना है कि यह व्यवस्था ट्रैफिक को सुचारू बनाने और भुगतान प्रक्रिया तेज करने के लिए लागू की गई है। मांडर टोल ही नहीं, रांची-गुमला मार्ग के पतराचौली टोल प्लाजा पर भी दरों में बढ़ोतरी की गई है। ऐसे में इस रूट पर सफर करने वाले वाहन मालिकों को अब पहले से ज्यादा खर्च उठाना पड़ेगा।
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