Ranchi : झारखंड में अब सरकारी योजनाओं की निगरानी और ज्यादा हाईटेक होने जा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा है कि अब सभी योजनाओं की सीधी मॉनिटरिंग खुद मुख्यमंत्री स्तर से की जाएगी। इसके लिए रांची में एक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) तैयार किया जाएगा।
सरकार एक ऐसा डिजिटल डेटा प्लेटफॉर्म तैयार कर रही है, जहां सभी विभागों की योजनाओं की रियल टाइम जानकारी मिलेगी। यानी कौन सी योजना कहां तक पहुंची, कितना काम हुआ और क्या दिक्कत है- ये सब अब एक ही सिस्टम में दिखेगा। इस प्लेटफॉर्म के जरिए हर योजना की लाइव मॉनिटरिंग होगी, जिससे काम में पारदर्शिता और तेजी दोनों आएगी। नई व्यवस्था के तहत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद इस डैशबोर्ड के जरिए योजनाओं की प्रगति पर नजर रखेंगे। जरूरत पड़ने पर सीधे हस्तक्षेप भी किया जाएगा, ताकि किसी भी स्तर पर काम रुके नहीं।
इस इंटीग्रेटेड सिस्टम में अलग-अलग विभागों के डेटा को जोड़कर एक सेंट्रल प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा। इससे पता चलेगा कि कौन सा विभाग कितना काम कर रहा है और कहां सुधार की जरूरत है। सरकार का कहना है कि इससे न सिर्फ कामकाज आसान होगा, बल्कि योजनाओं के लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाने में भी तेजी आएगी। इस पूरे सिस्टम का मकसद सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाना और जवाबदेही तय करना है। हर योजना की परफॉर्मेंस पर नजर रहेगी, ताकि लापरवाही की गुंजाइश कम हो सके। झारखंड सरकार का यह कदम डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इससे राज्य में विकास योजनाओं की मॉनिटरिंग पहले से ज्यादा मजबूत और तेज होने की उम्मीद है।
