Johar Live Desk : झारखंड-ओडिशा बॉर्डर के जंगलों में एक आक्रामक दंतैल हाथी पिछले एक हफ्ते से दहशत मचा रहा है। इस हाथी के हमलों में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है। हालात को काबू में करने के लिए वन विभाग हाथी को ट्रेंकुलाइज करने की तैयारी में है। इस ऑपरेशन में पश्चिम बंगाल से आई टीम के दो सदस्य भी जख्मी हो गए हैं। फिलहाल हाथी ओडिशा बॉर्डर से लगभग 35 किलोमीटर दूर है और वन विभाग उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है।
ताजा घटना में तीन लोगों की मौत
शुक्रवार को मझगांव प्रखंड के बेनीसागर गांव में हाथी ने तीन लोगों को कुचलकर मार डाला। मृतकों में हरकरा भी शामिल है। इन घटनाओं के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है।
तीनों राज्यों की संयुक्त टीम ने हाथी को घेरा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए झारखंड, ओडिशा और अन्य राज्यों की टीमों ने हाथी को बेनीसागर जंगल में घेर लिया। शुक्रवार देर शाम ओडिशा वाइल्डलाइफ टीम, गुजरात और असम से आए एक्सपर्ट, तथा SOS टीम ट्रेंकुलाइज गन के साथ हाथी को बेहोश करने में जुटी रही। टीम ने मशाल, थर्मल सेंसर ड्रोन और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद से देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया। हाथी और टीम के बीच की दूरी कुछ समय के लिए केवल 100 मीटर रह गई।
हाथी को बेहोश करने की तैयारी
वन विभाग को उम्मीद है कि आज यानी शनिवार तक हाथी को सफलतापूर्वक ट्रेंकुलाइज कर काबू में लिया जाएगा। ओडिशा वाइल्डलाइफ के ट्रेंकुलाइज स्पेशलिस्ट डॉक्टर बानराज ने बताया कि हाथी को इंजेक्शन देने के बाद उसे पूरी तरह बेहोश होने में 20-25 मिनट लगते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हाथी सही तरीके से बेहोश नहीं हुआ तो जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है, इसलिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है।
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