Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Home»झारखंड»मैनहर्ट घोटाला मामले में हाई कोर्ट में पेश हुए एसीबी के एसपी, कोर्ट ने चार सप्ताह में मांगा शपथ पत्र
    झारखंड

    मैनहर्ट घोटाला मामले में हाई कोर्ट में पेश हुए एसीबी के एसपी, कोर्ट ने चार सप्ताह में मांगा शपथ पत्र

    Team JoharBy Team JoharAugust 17, 2023No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    रांची। मैनहर्ट घोटाला मामले में गुरुवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के एसपी झारखंड हाई कोर्ट में पेश हुए। इस मामले में अब तक प्रारंभिक जांच रिपोर्ट नहीं आने एवं एफआईआर दर्ज नहीं होने को लेकर विधायक सरयू राय की ओर से दायर याचिका पर आज सुनवाई हुई। एसीबी के एसपी ने जस्टिस एसके द्विवेदी की कोर्ट में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की। कोर्ट ने एसीबी के एसपी को चार सप्ताह में प्रारंभिक जांच के संबंध में शपथ पत्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

    सुनवाई के दौरान एसीबी एसपी ने कोर्ट को बताया कि मैनहर्ट को टेंडर देने के संदर्भ में मंत्रिपरिषद से अप्रूवल मिला था, ऐसे में प्रारंभिक जांच की कार्रवाई आगे जारी रखने या ना रखने के संबंध में विधि विभाग से मंतव्य मांगा गया है। गुरुवार को जस्टिस एसके द्विवेदी की कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई तीन अक्टूबर निर्धारित की। राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता मनोज कुमार एवं दीपांकर ने पैरवी की। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता एके कश्यप ने पैरवी की।

    कोर्ट ने पिछली सुनवाई में राज्य सरकार द्वारा अस्पष्ट सीलबंद रिपोर्ट दाखिल करने पर एसीबी के एसपी को कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया था। पूर्व की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया था कि दिसंबर, 2020 में इस मामले को लेकर एसीबी ने पीई दर्ज की थी, लेकिन अब तक इसकी रिपोर्ट नहीं आई है। इस पर कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार को शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया था। इस बारे में राज्य सरकार की ओर से शपथ पत्र दाखिल कर बताया गया कि मामले में अभी जांच चल रही है। एसीबी की ओर से बताया गया कि इस मामले की जांच जारी रखने के संबंध में राज्य सरकार से लीगल ओपिनियन मांगी गई है।

    इस पर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि लीगल ओपिनियन मांगे जाने का मामला सरकार के पास एक साल से अधिक समय तक लंबित है। अगस्त, 2022 में ही एसीबी ने सरकार से लीगल ओपिनियन मांगी थी, लेकिन अब तक उस पर कुछ नहीं हुआ है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से मैनहर्ट मामले में सीलबंद रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की गई थी, लेकिन रिपोर्ट अस्पष्ट थी।

    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleसर्किट हाउस में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, अग्निशमन की टीम बुझा रही आग
    Next Article चतरा : जेजेएमपी के नाम पर धमकी देने का आरोपी गिरफ्तार, दो मोबाइल बरामद

    Related Posts

    जोहार ब्रेकिंग

    रामगढ़ पुलिस की डिजिटल स्ट्राइक, 1971 चार्जशीटेड अपराधियों की बनेगी ऑनलाइन प्रोफाइल

    July 4, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    श्रावणी मेला 2026 में VIP दर्शन पर रोक, क्या है झारखंड-बिहार का साझा रोडमैप

    July 4, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    “पादरी पास्टर का प्रवेश सख्त मना है”…  IRS निशा उरांव ने क्यों बताया ऐतिहासिक शुरुआत

    July 4, 2026
    Latest Posts

    रामगढ़ पुलिस की डिजिटल स्ट्राइक, 1971 चार्जशीटेड अपराधियों की बनेगी ऑनलाइन प्रोफाइल

    July 4, 2026

    श्रावणी मेला 2026 में VIP दर्शन पर रोक, क्या है झारखंड-बिहार का साझा रोडमैप

    July 4, 2026

    “पादरी पास्टर का प्रवेश सख्त मना है”…  IRS निशा उरांव ने क्यों बताया ऐतिहासिक शुरुआत

    July 4, 2026

    क्या अयोध्या के बाद अब बद्रीनाथ धाम में भी हो रही चढ़ावा चोरी?

    July 4, 2026

    झारखंड : आखिर देवघर में एक मुखिया के घर क्यों पहुंची इनकम टैक्स विभाग?

    July 4, 2026

    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.