Hazaribagh : हजारीबाग जिले के कटकमदाग प्रखंड के बानादाग गांव में एक दर्दनाक घटना हुई। ठंड से बचने के लिए कमरे में अंगीठी जलाकर सो रहे एक दंपती की मौत हो गई। आशंका है कि दोनों की मौत दम घुटने से हुई है। मृतकों की शिनाख्त 55 वर्षीय गंगा प्रसाद और उनकी 50 वर्षीय पत्नी रेणु देवी के तौर पर की गई है।
परिजनों को घटना की जानकारी शुक्रवार सुबह मिली। बताया गया कि दंपती ने रात में ठंड से बचने के लिए कोयले की अंगीठी जलाई थी। कमरा बंद होने के कारण रात भर कार्बन मोनोऑक्साइड गैस फैलती रही, जिससे दोनों की मौत हो गई। सुबह काफी देर तक जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो घर में मौजूद बहू को संदेह हुआ। उस समय उनका बेटा काम पर जा चुका था। बहू ने दरवाजा खोला तो देखा कि सास-ससुर अचेत अवस्था में पड़े हैं। इसके बाद उसने तुरंत पड़ोसियों को सूचना दी।
ग्रामीणों ने घटना की जानकारी प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही कटकमदाग के प्रखंड विकास पदाधिकारी शिव बालक प्रसाद और अंचलाधिकारी सत्येंद्र पासवान मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। अंचलाधिकारी सत्येंद्र पासवान ने लोगों से अपील की कि ठंड के मौसम में बंद कमरे में अंगीठी या कोयला जलाकर न सोएं, क्योंकि यह जानलेवा हो सकता है। वहीं, प्रखंड विकास पदाधिकारी शिव बालक प्रसाद ने पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी सहायता देने का आश्वासन दिया।
मृतक दंपती के दो बेटे और दो बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। वे गांव में रहकर खेती-बाड़ी का काम करते थे। यह घटना लोगों के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
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