Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Home»झारखंड»झारखंड में सूखे जैसे हालात, बारिश के चलते 85 प्रतिशत भूमि पर नहीं हो पाई खेती
    झारखंड

    झारखंड में सूखे जैसे हालात, बारिश के चलते 85 प्रतिशत भूमि पर नहीं हो पाई खेती

    Team JoharBy Team JoharJuly 24, 2023No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    रांची। झारखंड सूखे की तरफ बढ़ता दिख रहा है। दरअसल राज्य में 45 प्रतिशत बारिश कम हुई है, जिसकी वजह से 85 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि पर फसल नहीं बोई जा सकी है। जो आंकड़े सामने आए हैं, वो डराने वाले हैं। 21 जुलाई तक झारखंड में 28.27 लाख हेक्टेयर भूमि पर सिर्फ 4.15 लाख हेक्टेयर जमीन पर ही खरीफ की फसल बोई जा सकी है, जो कि खेती योग्य भूमि का सिर्फ 14.71 प्रतिशत है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2022 की जुलाई में यह आंकड़ा 20.40 प्रतिशत था। धान की बुआई का यही मौसम है। राज्य में 18 लाख हेक्टेयर भूमि पर धान की बुवाई होती है लेकिन अभी तक महज 11.20 प्रतिशत जमीन पर ही धान की बुवाई हुई है। झारखंड में बीते कुछ सालों में मानसूनी बरसात की आमद में देरी हो रही है, जिसकी वजह से खरीफ फसल के चक्र में देरी होने लगी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस पर चिंता जाहिर की है। एक कार्यक्रम के दौरान सीएम ने कहा कि ‘जलवायु परिवर्तन के चलते किसानों को खेती के तरीकों में बदलाव करने की जरूरत है।’

    बिरसा मुंडा कृषि विश्वविद्यालय के रिसर्च निदेशक पीके सिंह का कहना है कि अगले सात से आठ दिन बेहद अहम हैं और अगर इन दिनों में अच्छी बारिश हो जाती है तो हालात कुछ सुधर जाएंगे। राज्य के 24 जिलों में से 11 में पांच प्रतिशत से भी कम भूमि में धान की खेती हुई है। सिर्फ सिंहभूम जिले में ही 50 प्रतिशत भूमि पर धान की खेती हुई है। कई किसानों ने धान की नर्सरी तैयार कर ली थी लेकिन कम बारिश की वजह से वह बुवाई नहीं कर सके।

    कृषि विभाग के निदेशक चंदन कुमार का कहना है कि ना सिर्फ धान बल्कि अन्य फसलें भी कम हो रही हैं। मक्के की बुआई पिछले साल के 50 प्रतिशत के मुकाबले इस साल महज 32 फीसदी ही है। इसी तरह दलहन 14 प्रतिशत, तिलहन 20.05 प्रतिशत क्षेत्र में ही बोयी जा रही है। संभावित सूखे से निपटने के लिए किसानों को बाजरा जैसी कम पानी वाली फसलों को बोने की सलाह दी जा रही है।

    #Jharkhand News 85 percent land could not be cultivated due to rain Drought-like situation in Jharkhand land in Jharkhand monsoon rains
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleछत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामला : अनवर ढेबर को हाईकोर्ट से मिली अंतरिम जमानत
    Next Article बिहार समेत पूरे देश से मिट रही है गरीबी, केंद्र सरकार की योजनाओं का पहुंच रहा सीधा लाभ- नित्यानंद राय

    Related Posts

    जोहार ब्रेकिंग

    नीति आयोग की रिपोर्ट में चमका झारखंड, Fiscal Health Index में शानदार प्रदर्शन

    July 3, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    हिमांशु सिंह ह’त्याकांड में एक और अधिकारी पर गिर सकती है गाज, जानें कौन है वो…

    July 3, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    जमशेदपुर बंद पर अमर बाउरी का हेमंत सरकार पर निशाना- पुलिस व्यवस्था नीचे, अपराधियों के हौसले बुलंद

    July 3, 2026
    Latest Posts

    भाजपा देगी संगठन में भी 33 प्रतिशत आरक्षण, क्यों बढ़ी हुई है झारखंड भाजपा में बेचैनी

    July 4, 2026

    नीति आयोग की रिपोर्ट में चमका झारखंड, Fiscal Health Index में शानदार प्रदर्शन

    July 3, 2026

    हिमांशु सिंह ह’त्याकांड में एक और अधिकारी पर गिर सकती है गाज, जानें कौन है वो…

    July 3, 2026

    जमशेदपुर बंद पर अमर बाउरी का हेमंत सरकार पर निशाना- पुलिस व्यवस्था नीचे, अपराधियों के हौसले बुलंद

    July 3, 2026

    राम मंदिर दान चोरीः अब जाकर आई RSS की प्रतिक्रिया, क्या बोले दत्तात्रेय होसबोले ?

    July 3, 2026

    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.