पटना। बिहार विधानसभा का शीतकालीन सत्र 30 नवंबर से शुरू होकर 4 दिसंबर तक चलेगा. पांच दिनों के इस सत्र में सरकार का वित्तीय एजेंडा सबसे अहम रहेगा. पहले ही दिन वित्तीय वर्ष 2026-27 का द्वितीय अनुपूरक बजट सदन में पेश किया जाएगा. इसके बाद 1 और 2 दिसंबर को सरकारी विधेयकों पर चर्चा होगी. अनुपूरक बजट पर 3 दिसंबर को बहस और मतदान होगा, जबकि आखिरी दिन विधायक गैर सरकारी संकल्पों के जरिए अपने मुद्दे सदन में रखेंगे.
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने संविधान के अनुच्छेद 174 के तहत सत्र आहूत किया है. विधानसभा सचिवालय ने सत्र की पांचों बैठकों के लिए कार्यसूची जारी कर दी है.
पांच दिनों में कब क्या होगा?
30 नवंबर : अनुपूरक बजट की प्रस्तुति
सोमवार को सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होगी. पहले दिन किसी सदस्य का शपथ ग्रहण होना है, तो उसकी प्रक्रिया पूरी की जाएगी. इसके बाद पिछले सत्र के बाद राज्यपाल की ओर से जारी अध्यादेशों की प्रमाणित प्रतियां सदन के पटल पर रखी जाएंगी. सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का द्वितीय अनुपूरक बजट भी पेश करेगी. बैठक में दिवंगत लोगों के प्रति शोक प्रकाश किया जाएगा.
1 और 2 दिसंबर : सरकारी विधेयकों पर चर्चा
मंगलवार और बुधवार को सदन में राजकीय विधायी कामकाज होगा. सरकार की ओर से लाए जाने वाले विधेयक पेश किए जाएंगे और उन पर चर्चा होगी. इन दोनों दिनों में अन्य निर्धारित सरकारी कामकाज भी निपटाए जाएंगे.
3 दिसंबर : बजट पर बहस और मतदान
गुरुवार को द्वितीय अनुपूरक बजट पर चर्चा होगी. विधायक सरकार की ओर से प्रस्तावित अतिरिक्त खर्चों पर अपनी राय रखेंगे. चर्चा के बाद बजट पर मतदान कराया जाएगा. इसी दिन अनुपूरक बजट से संबंधित विनियोग विधेयक भी सदन में पेश किया जाएगा.
4 दिसंबर : विधायक रखेंगे गैर सरकारी संकल्प
शुक्रवार को सत्र के अंतिम दिन गैर सरकारी सदस्यों के कामकाज के लिए समय निर्धारित किया गया है. विधायक अपने क्षेत्र और जनहित से जुड़े मुद्दों को गैर सरकारी संकल्प के रूप में सदन में उठा सकेंगे. इसके लिए विधानसभा सचिवालय ने सूचना देने की प्रक्रिया और समय-सीमा तय की है. एक सदस्य एक दिन के लिए एक से अधिक गैर सरकारी संकल्पों की सूचना नहीं दे सकेगा.
सत्र के दौरान विधायकों की ओर से पूछे जाने वाले तारांकित और अल्पसूचित प्रश्नों की सूची अलग से जारी की जाएगी. सवालों की प्राथमिकता तय करने के लिए लॉटरी की प्रक्रिया अपनाई जाएगी.
विधानसभा सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि जरूरत पड़ने पर निर्धारित कार्यसूची में बदलाव किया जा सकता है. सदन की कार्यवाही जारी रखने की आवश्यकता हुई, तो 4 दिसंबर के बाद भी इसके लिए अलग से कार्यक्रम जारी होगा.
द्वितीय अनुपूरक बजट के जरिए सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान जरूरी अतिरिक्त खर्चों के लिए विधानसभा से मंजूरी मांगेगी. मूल बजट में निर्धारित राशि से अधिक खर्च की जरूरत पड़ने पर सरकार अनुपूरक बजट लाती है.
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