रांची। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस राजेश बिंदल को राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है. जुलाई 2026 से खाली पड़े इस पद पर अब नियमित नियुक्ति हो गई है. इससे पहले जस्टिस अशोक भूषण का कार्यकाल पूरा होने के बाद जस्टिस योगेश खन्ना कार्यवाहक चेयरपर्सन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे.
जस्टिस राजेश बिंदल का न्यायिक करियर करीब दो दशक का रहा है. उन्होंने 2006 में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में काम शुरू किया था. इसके बाद जम्मू-कश्मीर और कलकत्ता हाई कोर्ट में भी न्यायिक जिम्मेदारी संभाली. वे दोनों हाई कोर्ट में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश भी रहे.
उन्होंने 11 अक्टूबर 2021 को इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली. इसके बाद 13 फरवरी 2023 को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बने. सुप्रीम कोर्ट से 15 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त हुए.
रिटायरमेंट के बाद भी न्यायिक और शैक्षणिक क्षेत्र में सक्रिय
सुप्रीम कोर्ट से रिटायर होने के बाद भी जस्टिस बिंदल की सक्रियता बनी रही. उन्हें नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (NFSU) में एमेरिटस प्रोफेसर नियुक्त किया गया. इसके अलावा वे गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लॉ से मानद विशिष्ट न्यायविद के रूप में जुड़े.
क्या करता है NCLAT?
NCLAT यानी नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल कंपनियों और कारोबार से जुड़े अहम कानूनी विवादों में अपील सुनने वाली संस्था है. यह नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के फैसलों के खिलाफ अपीलों की सुनवाई करता है. इसके दायरे में दिवाला एवं दिवालियापन संहिता (IBC), कंपनी कानून और प्रतिस्पर्धा कानून से जुड़े मामले भी आते हैं.
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