जोहार लाइव ब्यूरो
देश की राजधानी के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार को विपक्षी INDIA गठबंधन ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा मोर्चा खोला. ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में राहुल गांधी, सोनिया गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव सहित दर्जनों विपक्षी दिग्गजों ने एक मंच पर जुटकर लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा का शंखनाद किया.
रैली का मुख्य एजेंडा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान करीब 13.5 करोड़ (15%) योग्य मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर केंद्रित रहा. रामलीला मैदान में जुटी लाखों समर्थकों की भीड़ को संबोधित करते हुए विपक्षी नेताओं ने साफ किया कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता बहाल होने तक उनका यह आंदोलन सड़क से लेकर संसद तक जारी रहेगा.
राहुल गांधी (नेता प्रतिपक्ष, लोकसभा) : “2024 के लोकसभा चुनावों के बाद से देश भर में करीब 15 फीसदी (13.5 करोड़) मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से गायब कर दिए गए हैं. ज्ञानेश कुमार ने वोट चोरी और देशद्रोह किया है. हमें नफरत का जवाब मोहब्बत से देना है. हम शिव जी की बारात जैसा हिंदुस्तान चाहते हैं, जहां किसान, छात्र और मजदूर को उसकी मेहनत का फल मिले—दो-तीन उद्योगपतियों का देश हमें नहीं चाहिए.”
मल्लिकार्जुन खरगे (कांग्रेस अध्यक्ष) : “मोदी और अमित शाह ने महिलाओं, दलितों और युवाओं के वोट चोरी करने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तेमाल किया है. अगर वह धरती में भी कहीं छुप जाएंगे, तो लोकतंत्र प्रेमी उन्हें ढूंढ लाएंगे. जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त पद छोड़ नहीं देते, हमारी लड़ाई जारी रहेगी.”
ममता बनर्जी (TMC प्रमुख) : “बीजेपी के लिए SIR का मतलब ‘स्पेशल इंटेंसिव रिलीफ’ बन गया है. इन्होंने देश से रोजगार, सम्मान और चंदा सब चुरा लिया. अब सीधा वोट का अधिकार छीना जा रहा है, जिन्हें सत्ता से बेदखल करना ही होगा.”
महबूबा मुफ्ती (PDP प्रमुख) : “हम जम्मू-कश्मीर के लोग तो बर्बाद हो ही चुके हैं, लेकिन अब देशवासियों को सतर्क रहना होगा ताकि पूरा देश जम्मू-कश्मीर न बन जाए. जिन लोगों ने राम मंदिर के नाम पर भी चंदा चुराया, वे आज दूसरों को हिंदुत्व का पाठ पढ़ा रहे हैं. इस देश की आत्मा को बचाने के लिए सबको कंधे से कंधा मिलाकर लड़ना होगा. सारे जहां से अच्छा, हिंदोस्तां हमारा!”
अखिलेश यादव (SP अध्यक्ष) : “रामलीला मैदान आज लोकतंत्र की ‘हल्दीघाटी’ बन चुका है. उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट से काटे गए नामों पर कोई सुनवाई नहीं हुई. 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता इस तानाशाही का जवाब बीजेपी को सत्ता से बाहर करके देगी.”
तेजस्वी यादव (RJD नेता) : “रामायण के लिए जाना जाने वाला रामलीला मैदान आज लोकतंत्र का ‘कुरुक्षेत्र’ बन गया है. मुख्य चुनाव आयुक्त मोदी सरकार की कठपुतली की तरह काम कर रहे हैं. आजादी की लड़ाई में जिनका कोई योगदान नहीं था, वे आज देश के नागरिकों को देशभक्ति का प्रमाणपत्र बांट रहे हैं.”
रणदीप सिंह सुरजेवाला (कांग्रेस महासचिव) : “देश में एक जन-क्रांति की शुरुआत हो चुकी है. ‘सम्राट’ की गद्दी अब डगमगा रही है. रामलीला मैदान से संविधान और मताधिकार की रक्षा के लिए उठी यह आवाज देश के कोने-कोने तक गूंजेगी.”
एम. ए. बेबी (CPIM महासचिव) : “प्रधानमंत्री मोदी लगातार झूठ बोलकर शासन चला रहे हैं. देश पर फासीवादी एजेंडा थोपने की कोशिश की जा रही है, लेकिन भारत का संविधान और जनता इस साजिश को नाकाम करेगी.”
फारूक अब्दुल्ला (नेशनल कॉन्फ्रेंस): “मताधिकार इस देश की आत्मा है. यदि वोट देने का हक ही छीन लिया गया तो भारत का लोकतंत्र कागजों तक सीमित रह जाएगा. हमें इसे बचाने के लिए हर गांव और कस्बे में एकजुट होना पड़ेगा.”
जॉन ब्रिटास (CPIM सांसद): “यह केवल किसी एक चुनाव का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे पर कब्जा करने की साजिश है, जिसका मुकाबला वामपंथी और विपक्षी दल मिलकर करेंगे.”
मंच पर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, TMC सांसद अभिषेक बनर्जी, NCP (शरदचंद्र पवार) से सुप्रिया सुले, CPI महासचिव डी. राजा, भाकपा-माले के दीपंकर भट्टाचार्य, ए. ए. रहीम और बृंदा करात सहित विभिन्न दलों के दर्जनों सांसद और नेता उपस्थित रहे.
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