दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की महारैली के बीच भाजपा ने भी विपक्ष के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है. रविवार, 1 नवंबर को हरियाणा दिवस के मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रोहतक में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा शुरू की. इस पदयात्रा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए.
भाजपा ने यह अभियान विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देने के लिए शुरू किया है. कांग्रेस और INDIA गठबंधन जहां मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी के मुद्दे पर चुनाव आयोग तथा केंद्र सरकार को घेर रहे हैं, वहीं भाजपा SIR प्रक्रिया के समर्थन में जनता के बीच पहुंचकर अपनी बात रख रही है. पार्टी का आरोप है कि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैला रहा है.
हरियाणा में आज दो जगह पदयात्रा
रोहतक में नितिन नवीन की अगुवाई में पदयात्रा निकाली गई. इसका समापन डी-पार्क के पास हुआ. वहीं, फरीदाबाद में पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भाजपा की पदयात्रा में हिस्सा लिया. पार्टी ने हरियाणा के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में भी इस अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है.
भाजपा का यह कार्यक्रम ऐसे दिन हुआ, जब दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी INDIA गठबंधन SIR और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर महारैली कर रहा है. इस रैली में विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी सवाल उठाए जा रहे हैं. इस तरह एक ही दिन दिल्ली में विपक्ष की महारैली और हरियाणा में भाजपा की पदयात्रा के जरिए दोनों पक्षों ने अपने-अपने राजनीतिक पक्ष रखे.
कल हैदराबाद में अमित शाह की पदयात्रा
भाजपा का यह अभियान 2 नवंबर को भी जारी रहेगा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में शामिल होंगे. तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंदर राव के मुताबिक, पदयात्रा दोपहर 3 बजे बाबू जगजीवन राम की प्रतिमा, निजाम कॉलेज से शुरू होकर मोजामजाही मार्केट चौराहे तक जाएगी. यहां अमित शाह लोगों को संबोधित भी करेंगे.
भाजपा ने इस अभियान को देशव्यापी स्वरूप देने की योजना बनाई है. पार्टी की तैयारी करीब 800 जिलों तक पहुंचने की है. इसके तहत अलग-अलग राज्यों में पदयात्रा, जनसभाएं, प्रेस कॉन्फ्रेंस, बुद्धिजीवियों और युवाओं के साथ संवाद जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी अभियान में शामिल हो रहे हैं.


