वसीम अख्तर, लातेहार से जोहार लाइव के लिए
शुक्रवार 28 अगस्त की शाम लातेहार जिले के ललमटिया डैम के किनारे मछली पकड़ने गए दो युवकों की जिंदगी अचानक आए वज्रपात ने छीन ली. हादसे में नावाडीह गांव निवासी दिनेश भुइयां और मुकेश भुइयां की मौत हो गयी. दोनों डैम के किनारे बैठे थे, तभी हल्की बारिश के बीच अचानक तेज वज्रपात हुआ और दोनों उसकी चपेट में आ गए.
घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने दोनों युवकों को तत्काल लातेहार सदर अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया. हादसे की खबर गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया. सदर अस्पताल पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था.
घर का सहारा थे दोनों
बताया गया कि दिनेश और मुकेश बेहद गरीब परिवार से थे. दोनों अपने-अपने परिवार के लिए कमाई का मुख्य सहारा थे. रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए मेहनत-मजदूरी करते थे. शुक्रवार को भी सामान्य दिनों की तरह दोनों मछली पकड़ने के लिए घर से निकले थे, लेकिन किसे पता था कि यह उनकी आखिरी यात्रा होगी.
हर साल सैकड़ों जानें ले रहा है वज्रपात
लातेहार की यह घटना झारखंड में वज्रपात के बढ़ते कहर की एक और कड़ी भर है. क्लाइमेट रेजिलिएंट ऑब्जर्विंग सिस्टम्स प्रमोशन काउंसिल (सीआरओपीसी) और मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, झारखंड में पिछले पांच वर्षों में हर साल औसतन 4.36 लाख से ज्यादा बार आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं दर्ज हुई हैं, और बीते पांच साल में ही करीब 1700 लोगों की जान वज्रपात से जा चुकी है. पिछले एक दशक का आंकड़ा देखें तो यह संख्या 1,669 से भी ऊपर पहुंच जाती है. झारखंड देश के उन राज्यों में गिना जाता है जो वज्रपात से होने वाली मौतों के मामले में सबसे ज्यादा संवेदनशील हैं.
घटना की जानकारी मिलने के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता प्रभात कुमार, अंकित पांडेय समेत अन्य लोग सदर अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली. प्रभात कुमार ने कहा कि दोनों युवक गरीब परिवार से थे. उन्होंने परिजनों को सरकारी प्रावधान के तहत सहायता दिलाने और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया.
हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी प्रकार की सहायता मुहैया नहीं कराई गई है.
घटना की जानकारी मिलने के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता प्रभात कुमार, अंकित पांडेय समेत अन्य लोग सदर अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली. प्रभात कुमार ने कहा कि दोनों युवक गरीब परिवार से थे. उन्होंने परिजनों को सरकारी प्रावधान के तहत सहायता दिलाने और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया.
हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी प्रकार की सहायता मुहैया नहीं कराई गई है.



