भारत में महिलाओं के समान अधिकार और यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए उसे महिला विरोधी दल करार दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कारण ही देश में अब तक यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू नहीं हो पाया और महिलाओं को समान अधिकार नहीं मिल सके.
सरमा ने कहा कि देश में समान कानून लागू नहीं हो पाने के पीछे कांग्रेस को मुख्य कारण बताते हुए कहा कि पार्टी ने महिलाओं को समान अधिकार दिलाने की दिशा में भी बाधाएं पैदा की हैं. उन्होंने कांग्रेस की नीतियों और उसके राजनीतिक रुख पर सवाल उठाते हुए महिलाओं के अधिकारों का मुद्दा उठाया.
“महिलाओं को कांग्रेस का टोटल बॉयकॉट करना चाहिए”
हिमंत बिस्वा सरमा ने महिलाओं से कांग्रेस का पूरी तरह बहिष्कार करने की अपील की. उन्होंने कहा, “मेरा तो मानना है कि कांग्रेस को महिला लोग टोटल बॉयकॉट ही कर देना चाहिए.”
उन्होंने आगे कहा कि देश में जो भी समान कानून अब तक लागू नहीं हो पाए हैं, उसका मूल कारण कांग्रेस है. सरमा के इस बयान के बाद कांग्रेस और उसके राजनीतिक रुख को लेकर सियासी बहस तेज होने के आसार हैं.
यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना
सरमा ने अपने बयान में यूनिफॉर्म सिविल कोड और महिलाओं के समान अधिकार को प्रमुख मुद्दा बनाया. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की वजह से देश में आज तक यूनिफॉर्म सिविल कोड नहीं हो पाया है. साथ ही उन्होंने कहा कि महिलाओं को भी अब तक समान अधिकार नहीं मिल पाए हैं.
उनका यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब देश में समान नागरिक संहिता और महिला अधिकारों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच लगातार मतभेद देखने को मिलते रहे हैं.
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