रांची. JPSC-JSSC नियुक्ति में गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलन कर रहे अनशनकारी छात्रों ने सरकार से बातचीत के लिए गठित डेलिगेशन में उन्हें शामिल नहीं किए जाने की बात कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के सामने रखी है. बुधवार को मंत्री ने रांची के सदर अस्पताल पहुंचकर इलाजरत अनशनकारी छात्रों से मुलाकात की और उनकी मांगों के साथ आंदोलन से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली.
लगातार नौ दिनों से अनशन पर बैठे छात्रों की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर मंत्री ने चिंता जताई. उन्होंने छात्रों से अलग-अलग बातचीत की और उनकी मांगों, समस्याओं तथा आंदोलन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझा. इसी दौरान छात्रों ने बताया कि सरकार के साथ बातचीत के लिए आंदोलनकारियों की ओर से जो डेलिगेशन बनाया गया था, उसमें अनशन पर बैठे छात्रों को शामिल नहीं किया गया.
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि छात्रों से बातचीत में कई महत्वपूर्ण तथ्य और परिस्थितियां सामने आई हैं. पूरे मामले को समझने के लिए इन तथ्यों को गंभीरता से देखना जरूरी है. उन्होंने कहा कि छात्रों की ओर से साझा की गई महत्वपूर्ण बातों से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अवगत कराया जाएगा.
अधिकांश मांगों पर सरकार सकारात्मक
शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि छात्रों की अधिकांश मांगों पर सरकार पहले ही सकारात्मक पहल कर चुकी है और सहमति जता चुकी है. शेष मांगों के समाधान को लेकर भी सरकार का रुख सकारात्मक है. उन्होंने कहा कि समाधान के लिए संवाद के रास्ते सरकार के दरवाजे खुले हैं.
मंत्री ने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान टकराव से नहीं, बल्कि संवाद, संवेदना और सकारात्मक पहल से संभव है. युवा और छात्र राज्य की ताकत हैं और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों को संवेदनशीलता के साथ सुना जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता छात्रों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए बातचीत के जरिए ऐसा समाधान निकालना है, जो सभी पक्षों के हित में हो. मंत्री ने अनशनकारी छात्रों से स्वास्थ्य का ध्यान रखने और सकारात्मक संवाद के जरिए समाधान की प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखने की अपील की.
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