रांची: प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी नेताओं ने छात्रों के आंदोलन और 10 अगस्त को हुए विधानसभा घेराव को लेकर भाजपा पर जमकर हमला बोला. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मंत्री इरफान अंसारी, मंत्री दीपिका सिंह पांडेय और मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने भाजपा पर छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रूप देने और विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार कर मुद्दे को भटकाने का आरोप लगाया.
भाजपा चाहती तो 10 अगस्त को ही हो जाता सार्थक निर्णय
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि अगर भाजपा वास्तव में छात्रों की मांगों को लेकर गंभीर थी, तो 10 अगस्त को विधानसभा सत्र के दौरान ही इस पर सार्थक निर्णय हो सकता था. उन्होंने कहा कि कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में भाजपा ने छात्रों की समस्याओं और राज्य में सुखाड़ की स्थिति पर अनुपूरक बजट के दौरान विशेष चर्चा की मांग रखी थी.
किशोर के मुताबिक, सरकार इस चर्चा के लिए तैयार थी. दो घंटे की जगह तीन घंटे का समय निर्धारित करने पर भी सहमति बनी थी. लेकिन 10 अगस्त को जब अनुपूरक बजट पर चर्चा शुरू हुई, तब भाजपा के नेता सदन में अपनी बात रखने के बजाय मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने चले गए. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने रणनीति के तहत विधानसभा सत्र का बहिष्कार किया, ताकि छात्रों का आंदोलन खत्म न हो और उसे राजनीतिक मुद्दे के रूप में इस्तेमाल किया जा सके.
राधाकृष्ण किशोर ने 10 अगस्त के विधानसभा घेराव को लेकर बाहरी राज्यों से भाजपा कार्यकर्ताओं को बुलाए जाने की चर्चा का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अगर बाहर से आए लोगों ने छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को बदनाम करने या उसका रुख बदलने की कोशिश की है, तो इसकी जांच होनी चाहिए. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले की जांच कर विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की.
किशोर ने यह भी कहा कि पहली बार आंदोलनकारी विधानसभा के मुख्य द्वार तक पहुंचे. उनके मुताबिक, सरकार ने संयम बरतते हुए आंदोलनकारियों को एक सीमा तक आगे बढ़ने दिया और उनके खिलाफ तत्काल कोई कठोर कार्रवाई नहीं की. उन्होंने इसे सरकार की संवेदनशीलता बताया.
भाजपा ने आंदोलन को हाईजैक करने की कोशिश की
मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि मौजूदा घटनाक्रम से वे काफी आहत हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की कथित साजिश अब धीरे-धीरे सामने आ रही है. अंसारी ने बताया कि जब उन्हें धरने पर बैठे छात्रों की तबीयत खराब होने की जानकारी मिली तो वे मौके पर पहुंचे और उनसे बातचीत की. उन्होंने कहा कि देवेंद्र महतो और हबीबा समेत कई छात्र लगातार आंदोलन और भूख हड़ताल पर थे.
अंसारी के मुताबिक, हबीबा ने बातचीत के दौरान कहा कि छात्रों का आंदोलन शांतिपूर्ण है और सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकार एक कदम आगे बढ़ेगी तो छात्र भी दो कदम आगे बढ़ने को तैयार हैं. इरफान अंसारी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने छात्रों के इस आंदोलन को हाईजैक करने की कोशिश की है. उन्होंने कहा कि भाजपा अगर वास्तव में छात्रों के हित में है तो उसकी टीम धरनास्थल पर जाकर छात्रों से सीधे बात करे और जमीनी सच्चाई समझे.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के बयान पर भी अंसारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने राहुल गांधी को लेकर दिए गए बयान पर भाजपा को निशाने पर लेते हुए कहा कि राहुल गांधी को कोट करना भाजपा के लिए “चांद पर थूकने” जैसा है.
पेपर लीक के मुद्दे पर भाजपा को घेरा
विधायक दीपिका सिंह पांडेय ने देशभर में पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया. उन्होंने दावा किया कि 2015 से अब तक देश में 152 पेपर लीक के मामले सामने आए हैं. उन्होंने कहा कि कई मामलों की जांच सीबीआई को सौंपी गई, लेकिन दोषसिद्धि का रिकॉर्ड बेहद कमजोर रहा है. दीपिका ने नीट-यूजी 2024, यूजीसी नेट 2024, एसएससी सीजीएल 2017, जेईई मेन 2021 समेत कई मामलों का उदाहरण देते हुए सीबीआई की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए.
झारखंड का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन के बाद भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में सीआईडी की जांच आगे बढ़ी. उनके मुताबिक, जेपीएससी के अध्यक्ष के इस्तीफे के बाद छात्रों का आंदोलन तेज हुआ और इसके बाद राज्य सरकार ने कार्रवाई शुरू की.
दीपिका ने आरोप लगाया कि भाजपा झारखंड में सीआईडी की जांच के बजाय सीबीआई जांच की मांग इसलिए कर रही है, ताकि उन लोगों को बचाया जा सके जो कथित तौर पर भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी में शामिल हैं.

भाजपा से आंदोलन को उग्र नहीं करने की अपील की
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने भाजपा से छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रंग नहीं देने की अपील की. उन्होंने कहा कि भाजपा को आंदोलन को बर्बाद करने या उसे उग्र करने की कोशिश से बाज आना चाहिए. उन्होंने कहा कि जो लोग दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के दुख-दर्द को सुनने और समझने नहीं पहुंचे, वे अब झारखंड में छात्रों का हितैषी बनने का दिखावा कर रहे हैं.
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों की मांगें गंभीर हैं और सरकार बातचीत के जरिए समाधान निकालने के लिए तैयार है. हालांकि, उन्होंने भाजपा पर आंदोलन को राजनीतिक मुद्दा बनाकर छात्रों के मूल सवालों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया.


