कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और मैंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है. विपक्ष ने साफ कहा है कि हमें गृह मंत्री अमित शाह के भाषण या उनके इमैजिनेशन को सुनने में कोई रुचि नहीं है. उन्होंने कहा कि हमारी रुचि सिर्फ एक सवाल में है, जब हम (We) कहते हैं, तो उसका मतलब इस देश की युवा पीढ़ी से है.
गृह मंत्री बताएं – गोली किसने चलवाई
राहुल गांधी ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर स्टूडेंट्स पर गोली किसने चलवाई? बच्चों को गोली मारने का आदेश किसने दिया? किसके आदेश पर एक छात्र की आंख की रोशनी चली गई और एक छात्र के कान में गोली लगी? छात्रों को लाठियों से पीटने का आदेश किसने दिया, जिनमें कीलें तक लगी थीं?
उन्होंने कहा कि इन सवालों का जवाब देश के युवाओं को चाहिए. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई को गृह मंत्रालय के जरिए लागू किया गया, क्योंकि दिल्ली पुलिस और संबंधित सुरक्षा एजेंसियां गृह मंत्रालय के अधीन हैं.
राहुल गांधी ने अमित शाह पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि अगर उन्होंने बच्चों पर कार्रवाई का आदेश दिया था तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि वे आरोपित हैं. और अगर उन्होंने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया, तो भी उन्हें इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि वे अपने पद के लिए अयोग्य हैं.
अमित शाह का गुब्बारा फट चुका है
राहुल गांधी ने आगे कहा कि अमित शाह के बयान से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अमित शाह करीब 20 दिनों तक गायब रहे. उन्होंने कहा कि गृह मंत्री के आसपास हमेशा दर्जनों गाड़ियां और भारी पुलिस बल रहता है, यहां तक कि उनके घर के सामने भी बड़ी संख्या में पुलिस तैनात रहती है.
राहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा कि अब आखिरी समय में उस गुब्बारे में दोबारा हवा भरने की कोशिश की जा रही है, लेकिन गुब्बारा फट चुका है.
उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह के पास हिम्मत नहीं है कि वे सदन में आएं.
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