रांची: झारखंड में सरकारी नौकरियों और भर्ती परीक्षाओं को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा दावा किया है. विधानसभा का सत्र समय से पहले समाप्त होने के बाद प्रेस के सामने आए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में हुई कई परीक्षाओं में 75 फीसदी से लेकर 100 फीसदी तक चयनित अभ्यर्थी झारखंड के मूलवासी हैं.
हेमंत सोरेन ने कहा कि अलग-अलग परीक्षाओं के आंकड़े इसके उदाहरण हैं. उन्होंने दावा किया कि जरूरत पड़ने पर वे कागज के साथ इसके कई उदाहरण भी सामने रख सकते हैं.
’75 से 100 फीसदी चयन झारखंड के मूलवासियों का’
रोजगार और नियुक्तियों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में हुई कई नियुक्तियों पर छोटे-बड़े सवाल जरूर खड़े हुए हैं, लेकिन सरकार ने उनका समाधान करने की कोशिश की है.
उन्होंने कहा कि अगर अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं के आंकड़ों को देखा जाए तो कई परीक्षाओं में 75 से 100 फीसदी तक चयनित अभ्यर्थी झारखंड के मूलवासी हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे चाहें तो कागज देखकर इसके कई उदाहरण भी सामने रख सकते हैं. उनका दावा है कि भर्ती परीक्षाओं में बड़ी संख्या में झारखंड के स्थानीय अभ्यर्थियों का चयन हुआ है.
भाजपा के शासनकाल पर भी उठाए सवाल
हेमंत सोरेन ने भाजपा के शासनकाल पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान बड़े पैमाने पर दूसरे राज्यों के लोगों की नियुक्तियां झारखंड में हुईं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बात किसी से छिपी नहीं है. उन्होंने कहा कि आज जब झारखंड के युवाओं को रोजगार देने की बात हो रही है तो विपक्ष की ओर से लगातार सवाल खड़े किए जा रहे हैं.
रोजगार के मुद्दे पर भाजपा को घेरा
हेमंत सोरेन ने कहा कि गलत नीतियों की वजह से करोड़ों छात्रों के रोजगार और नौकरियों पर असर पड़ रहा है. छोटे-बड़े प्रतिष्ठान बंद हो रहे हैं और ऐसे में जब रोजगार के अवसर ही कम होंगे तो नई नौकरियां पैदा कैसे होंगी.
उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर पूरी तत्परता और इच्छाशक्ति के साथ आगे बढ़ रही है. भर्ती परीक्षाओं और नियुक्तियों में सामने आए सवालों का समाधान करने का भी प्रयास किया जा रहा है.
विधानसभा सत्र समय से पहले खत्म होने पर भाजपा पर हमला
विधानसभा का सत्र समय से पहले समाप्त होने को लेकर मुख्यमंत्री ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से सदन चलाने का भरसक प्रयास किया गया, लेकिन सदन में जिस तरह से नोट उड़ाए और दिखाए जा रहे थे, उससे सबकुछ साफ दिखाई दे रहा था.

हेमंत सोरेन ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि यहीं नोट के बल पर तो आज ये यहां खड़े हैं. इसी नोट के बदौलत तो ये राजनीति कर रहे हैं.
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि भाजपा के सरकार में आने के बाद गरीब-गुरबा लोगों और युवाओं की जेब से किस तरह पैसे निकल रहे हैं, यह सबको पता है. उन्होंने सवाल उठाया कि वह पैसा कहां जा रहा है, यह भी अब लोगों को दिखाई दे रहा है.
‘सच को मजबूत दीवारों में कैद करोगे, फिर भी सामने आएगा’
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के अपने दायरे होते हैं और उन्हीं के अनुरूप सदन की कार्यवाही आगे बढ़ती है. उन्होंने कहा कि उनकी ओर से लगातार कोशिश की गई कि सदन चले.
हेमंत सोरेन ने कहा कि सच को आंच क्या? जो सच है, कहीं न कहीं से, चाहे उसको मजबूत दीवारों के अंदर बांधकर रखो, सारी बंदिशों को तोड़कर आ ही जाता है.
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में यही सच्चाई सामने आ रही है. नौजवानों के भविष्य को लेकर सरकार जिस तत्परता और इच्छाशक्ति के साथ आगे बढ़ रही है, वह सबके सामने है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष के हर सवाल का जवाब सरकार के पास है, लेकिन उनकी महत्वाकांक्षाएं इतनी बड़ी हैं कि उनके लिए सच का सामना करना मुश्किल हो रहा है. उन्होंने कहा कि इसी पीड़ा और उसके असर के कारण विधानसभा का सत्र समय से पहले समाप्त हो गया.
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