झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच भूख हड़ताल पर बैठे छह प्रदर्शनकारियों में से छात्र नेता देवेन्द्र महतो, राहुल क्रांति, रूपेश कुमार, अर्चना कुमारी, सबिता कुमारी और उम्मे हबीबा समेत अन्य प्रदर्शनकारी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं. इसी दौरान शुक्रवार, 7 अगस्त को छात्र राहुल क्रांति की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें रांची के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
राहुल क्रांति के अस्पताल में भर्ती होने के बाद छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं. विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने अस्पताल पहुंचकर राहुल का हालचाल जाना और चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली.
बाबूलाल मरांडी समेत कई नेता अस्पताल पहुंचे
राहुल क्रांति की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिलने के बाद भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी, हटिया विधायक नवीन जायसवाल और झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री भानु प्रताप शाही अस्पताल पहुंचे. नेताओं ने राहुल से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना. इसके साथ ही इलाज कर रहे चिकित्सकों से भी उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली.
नवीन जायसवाल और भानु प्रताप शाही ने सरकार से छात्रों के मुद्दे पर राजनीति से ऊपर उठकर निर्णय लेने की अपील की. दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की चुप्पी के कारण छात्रों का आंदोलन लगातार लंबा खिंच रहा है.
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने की राहुल से मुलाकात
बेहद खुशी है कि हमारे बच्चे राहुल क्रांतिकारी अब बिल्कुल खतरे से बाहर हैं। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
मैं अपने सभी आंदोलनकारी बच्चों से कहना चाहता हूं—आप हमारे अपने हैं। आपके कष्ट में मुझे भी पीड़ा होती है। सरकार आपकी जायज मांगों पर गंभीर है और वार्ता के रास्ते… pic.twitter.com/kVmtchBMss
— Dr. Irfan Ansari (@IrfanAnsariMLA) August 8, 2026
राहुल क्रांति से मिलने के लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी भी शनिवार सुबह सदर अस्पताल पहुंचे. उन्होंने राहुल का हालचाल जाना और डॉक्टरों से उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली. बाद में मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर राहुल की तबीयत को लेकर जानकारी साझा की. उन्होंने लिखा कि राहुल क्रांतिकारी अब खतरे से बाहर हैं और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है.
मंत्री ने आंदोलन कर रहे छात्रों से भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि सरकार छात्रों की जायज मांगों को लेकर गंभीर है और बातचीत के रास्ते खुले हैं. उन्होंने छात्रों से स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं करने की अपील की.

अस्पताल में राहुल की लगातार निगरानी
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक राहुल क्रांति की नियमित जांच की जा रही है और चिकित्सक उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. स्वास्थ्य मंत्री ने भी डॉक्टरों को राहुल को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. राहुल के अस्पताल में भर्ती होने के बाद सदर अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल परिसर की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.
छात्रों का आंदोलन भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर है. आंदोलनकारी छात्रों की मांग है कि जिन परीक्षाओं में धांधली या अनियमितता के आरोप लगे हैं, उनकी निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो. छात्र नेताओं की ओर से मामले की CBI जांच की मांग भी उठाई जा रही है. उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच के जरिए ही परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान हो सकता है.
आंदोलनकारियों ने सरकार से जल्द छात्रों की मांगों पर बातचीत कर समाधान निकालने की अपील की है. वहीं, राहुल क्रांति की तबीयत बिगड़ने और अस्पताल में भर्ती होने के बाद छात्र आंदोलन को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ गया है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार छात्रों की मांगों को लेकर आगे क्या कदम उठाती है.
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