झारखंड सरकार हजारीबाग के डेमोटांड स्थित कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र को एग्रो टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने जा रही है. इसके साथ ही राज्य में पहली बार 20 एकड़ में चाय की खेती और कॉफी की प्रायोगिक खेती पर भी फोकस किया जा रहा है.
कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने मंगलवार को केंद्र का निरीक्षण करते हुए कहा कि सरकार कृषि को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उसे अनुसंधान, नवाचार, मूल्य संवर्धन और पर्यटन से जोड़कर किसानों की आय के नए स्रोत तैयार करेगी.
20 एकड़ में चाय और पहली बार कॉफी की खेती का परीक्षण
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने डेमोटांड स्थित कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र में चल रही विभिन्न कृषि गतिविधियों, अनुसंधान परियोजनाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का निरीक्षण किया. उन्होंने बताया कि झारखंड में पहली बार 20 एकड़ क्षेत्र में प्रायोगिक तौर पर चाय की खेती की गई है. वहीं उद्यान विभाग पहली बार कॉफी की खेती का भी परीक्षण कर रहा है.
शुरुआती परिणाम उत्साहजनक हैं. परीक्षण पूरी तरह सफल होने पर राज्य के उपयुक्त क्षेत्रों में इन फसलों का विस्तार किया जाएगा, जिससे किसानों को परंपरागत खेती के साथ उच्च मूल्य वाली फसलों का विकल्प मिलेगा.
डेमोटांड को बनाया जाएगा एग्रो टूरिज्म का मॉडल
करीब 160 एकड़ में फैला यह अनुसंधान केंद्र समेकित कृषि प्रणाली (इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम) का उत्कृष्ट उदाहरण है. यहां हर साल लगभग 2,000 किसानों को आधुनिक खेती, वैज्ञानिक तकनीक और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग का आवासीय प्रशिक्षण दिया जाता है.
मंत्री ने कहा कि डेमोटांड को एग्रो टूरिज्म के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां प्री-फैब्रिकेटेड कॉटेज, आधुनिक प्रदर्शन इकाइयां, जैविक खेती प्रदर्शन क्षेत्र, प्रशिक्षण केंद्र और कृषि पर्यटन से जुड़ी सुविधाएं विकसित होंगी.
इससे यह केंद्र किसानों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा, साथ ही कृषि को अनुसंधान, नवाचार और पर्यटन से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में नया मॉडल तैयार होगा.
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