किसलय शानू. रांची
राजधानी रांची की एक महिला अब मॉस्को इंटरपोल की नजर में है. यह महिला कोई आम महिला नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क से जुड़ी बताई जा रही है. ड्रग्स तस्करी से जुड़े एक मामले में वह मॉस्को में वांटेड है. महिला का नाम प्रेरणा कुमार है. उसके पिता का नाम प्रभास कुमार है.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग्स तस्करी के मामले में मॉस्को से प्राप्त इंटरपोल इनपुट के बाद भारत की नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने जांच तेज कर दी है. दिल्ली स्थित एनसीबी ने झारखंड की संबंधित एजेंसी को महिला के वर्तमान पते का सत्यापन करने और उसके संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.
इससे पहले मॉस्को से जुड़े इंटरपोल इनपुट के आधार पर नेपाल की नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने भारत की एनसीबी को महिला प्रेरणा के भारत लौटने की सूचना भेजी थी. संभवतः यह पहला मामला है, जब राजधानी रांची की किसी महिला का नाम अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क से जुड़ा सामने आया है.
नेपाल एनसीबी ने दोनों देशों को क्या लिखा
जानकारी के अनुसार, नेपाल एनसीबी के काठमांडू कार्यालय ने ई-मेल के माध्यम से एनसीबी नई दिल्ली और एनसीबी मॉस्को को सूचित किया कि भारतीय महिला प्रेरणा कुमार 4 जुलाई 2026 को त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, काठमांडू से भारत के लिए रवाना हुई.
काठमांडू एनसीबी ने अपने पत्र के साथ इंटरपोल डिफ्यूजन नोटिस, महिला प्रेरणा के पासपोर्ट की प्रति और बोर्डिंग पास भी दोनों देशों को उपलब्ध कराया. इसके बाद एनसीबी नई दिल्ली ने झारखंड पुलिस सीआईडी मुख्यालय को पत्र भेजकर महिला के रांची स्थित पते का सत्यापन कराने और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है.
महिला प्रेरणा को लेकर क्या कहता है डिफ्यूजन नोटिस
नेपाल एनसीबी के आधिकारिक पत्र में उल्लेख है कि यह कार्रवाई इंटरपोल के डिफ्यूजन नोटिस के संदर्भ में की जा रही है. डिफ्यूजन नोटिस का उपयोग सदस्य देशों के बीच जांच संबंधी सूचनाओं के आदान-प्रदान और किसी व्यक्ति के संबंध में जानकारी जुटाने के लिए किया जाता है. यह स्वयं किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने या सजा का प्रमाण नहीं होता, बल्कि जांच प्रक्रिया का एक हिस्सा होता है.
जांच एजेंसियों के अनुसार, मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी जांच से संबंधित है और विभिन्न देशों की एजेंसियां आपसी समन्वय से सूचनाओं का आदान-प्रदान कर रही हैं. इसी क्रम में नेपाल, भारत और मॉस्को के बीच सूचनाएं साझा की गई हैं.
विदेश भाग चुके ड्रग्स माफिया की भी रिपोर्ट तैयार कर रही है झारखंड पुलिस
जानकारी के अनुसार, झारखंड पुलिस पहले से ही ड्रग्स तस्करी के मामलों में देश छोड़कर भाग चुके आरोपियों की सूची तैयार कर रही है. यह कार्य केंद्रीय गृह मंत्रालय और एनसीबी के निर्देश पर किया जा रहा है, ताकि ऐसे लोगों की जानकारी सीबीआई के माध्यम से संबंधित देशों के इंटरपोल तक पहुंचाई जा सके और प्रत्यर्पण संधि के तहत उन्हें भारत लाकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके. इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है.
झारखंड में 24 जिलों की पुलिस 13 अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स माफिया की तलाश में
जानकारी के अनुसार, वर्तमान में राज्य के 24 जिलों के एसपी मिलकर 13 अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स माफिया की तलाश कर रहे हैं. ये आरोपी भारत, ईरान, नाइजीरिया, मोजांबिक और तंजानिया के रहने वाले हैं. उनकी तलाश को लेकर पुलिस मुख्यालय की स्पेशल ब्रांच पहले ही अलर्ट जारी कर चुकी है.
रांची, धनबाद और जमशेदपुर के एसएसपी के अलावा 21 अन्य जिलों के एसपी ने भी स्पेशल ब्रांच की रिपोर्ट के आधार पर जांच शुरू कर दी है. इन 13 ड्रग्स माफिया में पांच ईरान के, पांच नाइजीरिया के, दो भारत के तथा एक-एक आरोपी तंजानिया और मोजांबिक के रहने वाले हैं.
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