कोयले की चोरी और अवैध खनन के खिलाफ अब कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है. CISF यानी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने पिछले पांच दिनों में ऐसा अभियान चलाया है, जिसने झारखंड और पश्चिम बंगाल में एक्टिव कोयला माफियाओं की नींद उड़ा दी है. बीते 4 जुलाई से 8 जुलाई के बीच चले इस बड़े ऑपरेशन में 428.34 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद किया गया. चार एफआईआर दर्ज हुईं. एक हाइवा, कोयले से लदा ट्रक, 13 से ज्यादा मोटरसाइकिलें और अवैध खनन में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण जब्त किए गए. कई लोगों को मौके से पकड़कर उनके खिलाफ एमएमडीआर एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
यह कार्रवाई भारत सरकार की “जीरो कोल लीकेज” पहल के तहत की गई. खान और खनिज अधिनियम 1957 यानी MMDR Act की धारा 22, 23बी और 24 के तहत CISF के नामित अधिकारियों को मिले अधिकारों के बाद अब बल अवैध खनन, कोयला चोरी, अवैध भंडारण और बिना अनुमति परिवहन के मामलों में सीधे कार्रवाई कर रहा है. इस अभियान में स्थानीय पुलिस, जिला प्रशासन और कोल इंडिया की सहायक कंपनियों ने भी CISF का साथ दिया.
ड्रोन से नजर, जमीन पर छापेमारी और माफियाओं पर सीधा वार
सबसे बड़ी कार्रवाई धनबाद के BCCL क्षेत्रों में हुई. CISF की टीमों ने कतरास, ब्लॉक-2, बसंतीमाता, कुस्तौर, सिजुआ, जियलगोरा, बरोरा, गोविंदपुर और एनटीएसटी इलाके में लगातार छापेमारी की. पहले खुफिया जानकारी जुटाई गई, फिर ड्रोन से निगरानी की गई और उसके बाद टीमों ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की. इस दौरान 319.54 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद हुआ. कोयले से लदा एक ट्रक और कई मोटरसाइकिलें भी जब्त की गईं, जिनका इस्तेमाल चोरी के कोयले को ढोने में किया जा रहा था.
ECL के सीतलपुर क्षेत्र में भी CISF ने राजमहल, सालानपुर, चित्रा, चापापुर-2 ओसीपी, सोनपुर-बाजारी और कुनुस्तोरिया इलाकों में एक साथ कार्रवाई की. यहां सिर्फ छापेमारी ही नहीं हुई, बल्कि कोयला डिपो, धर्मकांटे, परिवहन दस्तावेज और उत्पादन रिकॉर्ड की भी बारीकी से जांच की गई. इस कार्रवाई में 85.93 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद हुआ. कई वाहन जब्त किए गए और घुसपैठ करने वालों को पकड़कर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई. जांच के दौरान कई चालू खदानों में नियमों का सही तरीके से पालन होता भी मिला, जिससे वैध कोयला परिवहन की पुष्टि हुई.
CCL के पिपरवार क्षेत्र में रूटीन चेकिंग के दौरान CISF ने एक हाइवा ट्रक को पकड़ा, जिसमें छिपाकर अवैध कोयला ले जाया जा रहा था. जांच में 13.62 मीट्रिक टन कोयला बरामद हुआ. ट्रक को जब्त कर स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया.
वहीं CCL के करगली क्षेत्र में विशेष अभियान के दौरान 9.25 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद किया गया. यहां अवैध खनन में इस्तेमाल हो रही सात मोटरसाइकिलें भी जब्त की गईं.
पूरे अभियान के दौरान CISF ने खुफिया तंत्र, ड्रोन निगरानी, परिवहन मार्गों की ट्रैकिंग, औचक निरीक्षण, जीपीएस आधारित दस्तावेजीकरण, धर्मकांटों और कोयला डिपो की जांच जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया. CISF का कहना है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा. कोयला मंत्रालय, कोल इंडिया लिमिटेड, उसकी सहायक कंपनियों, राज्य सरकारों और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर अवैध खनन और कोयला चोरी पर पूरी तरह रोक लगाने की दिशा में काम किया जाएगा. अवैध खनन, भंडारण या परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी.

