झारखंड सरकार ने झारखंड भू-संपदा नियामक प्राधिकार (RERA) में नए अध्यक्ष और सदस्य की नियुक्ति कर दी है. नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अजय कुमार सिंह को झारखंड RERA का अध्यक्ष और नलिन कुमार को सदस्य नियुक्त किया गया है.
नए अध्यक्ष के सामने बड़ी चुनौती
नए अध्यक्ष की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब राज्य का रियल एस्टेट क्षेत्र कई चुनौतियों से जूझ रहा है.पिछले कुछ वर्षों में फ्लैट और आवासीय परियोजनाओं में देरी, समय पर कब्जा नहीं मिलने, बिल्डरों द्वारा नियमों के उल्लंघन और खरीदारों की बढ़ती शिकायतों ने RERA की भूमिका को और महत्वपूर्ण बना दिया है. झारखंड RERA में इन मामलों से जुड़े अनेक आदेश और फैसले दर्ज हैं, जिससे स्पष्ट है कि विवादों का समाधान अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है.
RERA के सामने सबसे बड़ी चुनौती केवल शिकायतों का निपटारा करना नहीं, बल्कि अपने आदेशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना भी है. कई मामलों में आदेश जारी होने के बावजूद खरीदारों को राहत मिलने में देरी की शिकायतें सामने आती रही हैं. ऐसे में नए अध्यक्ष के सामने RERA की विश्वसनीयता और प्रभावशीलता बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी.
राज्य में अपंजीकृत परियोजनाओं और नियमों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों पर कार्रवाई भी RERA की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगी. इससे पहले झारखंड RERA नियमों का पालन नहीं करने वाले डेवलपर्स के खिलाफ ब्लैकलिस्ट जैसी कार्रवाई भी कर चुका है, जिससे संकेत मिलता है कि नियामक संस्था नियमों के पालन को लेकर सख्त रुख अपनाती रही है.
विशेषज्ञों का मानना है कि नए नेतृत्व से लंबित शिकायतों के समयबद्ध निपटारे, परियोजनाओं की बेहतर निगरानी, RERA पोर्टल पर पारदर्शिता बढ़ाने और बिल्डरों की जवाबदेही तय करने की दिशा में तेजी आने की उम्मीद है. यदि ऐसा होता है तो घर खरीदारों का भरोसा मजबूत होगा और राज्य के रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश का माहौल भी बेहतर हो सकता है.
अब नजर इस बात पर रहेगी कि अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में झारखंड RERA केवल आदेश जारी करने वाली संस्था बनकर रहता है या फिर खरीदारों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा और रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाला मजबूत नियामक साबित होता है.
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