Ranchi : रांची के चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित RSS यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांतीय कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जो जानकारी मिली है, उसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। जांच में सामने आया है कि इस हमले की साजिश कथित तौर पर दुबई में रची गई थी। वहीं से निर्देश मिले और फिर रांची में पूरी योजना को अंजाम दिया गया। शुरुआती जांच में मामले के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और संदिग्ध आतंकी नेटवर्क से जुड़ते दिखाई दे रहे हैं। फिलहाल केंद्रीय और राज्य स्तरीय एजेंसियां पूरे मामले की तह तक पहुंचने में जुटी हैं।
मांडर में मुठभेड़, एक आरोपी के पैर में लगी गोली
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस टीम को गुरुवार को बड़ी सफलता मिली। मांडर इलाके में पुलिस और आरोपियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक आरोपी घायल हो गया। उसके पैर में गोली लगी है। घटना के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची के एसएसपी राकेश रंजन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे ऑपरेशन की जानकारी ली। पुलिस का कहना है कि घायल आरोपी से पूछताछ के बाद कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
दुबई में हुआ ब्रेनवॉश, फिर मिला टारगेट
जांच एजेंसियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में से एक पहले दुबई में नौकरी करता था। वहीं उसकी मुलाकात राना हुसैन उर्फ राना जी और शाहबाज आलम उर्फ भट्टी नाम के लोगों से हुई। पूछताछ में सामने आया है कि दोनों व्यक्ति कथित तौर पर टीटीएच नामक संगठन से जुड़े हुए हैं। सूत्रों के अनुसार दुबई में ही आरोपी को भारत विरोधी गतिविधियों के लिए तैयार किया गया। उसे रांची स्थित RSS के प्रदेश कार्यालय को निशाना बनाने का जिम्मा दिया गया और फिर भारत भेजा गया। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर हमले की तैयारी शुरू कर दी।
लोकल बाजार से खरीदी बोतलें, पेट्रोल और रस्सी
जांच में यह भी पता चला है कि हमले में इस्तेमाल किए गए पेट्रोल बम के लिए कोई अत्याधुनिक सामग्री नहीं मंगाई गई थी। आरोपियों ने रांची के लोकल बाजार से कांच की बोतलें, पेट्रोल और आग पकड़ने वाली रस्सी खरीदी थी। इसके बाद उन्होंने खुद पेट्रोल बम तैयार किया। कई दिनों तक इलाके की रेकी की गई और फिर मौका देखकर निवारणपुर स्थित RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंका गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए थे।
दो आरोपी लोहरदगा के, एक रांची का निवासी
पुलिस ने जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें दो आरोपी लोहरदगा जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। वहीं तीसरा आरोपी रांची का है। जांच एजेंसियों का मानना है कि स्थानीय आरोपी ने रेकी करने, ठिकाने उपलब्ध कराने और अन्य व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सुरक्षा कारणों से फिलहाल आरोपियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
मोबाइल और सोशल मीडिया की खंगाली जा रही हिस्ट्री
अब जांच एजेंसियों का पूरा फोकस आरोपियों के डिजिटल नेटवर्क पर है। उनके मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, सोशल मीडिया अकाउंट, चैट रिकॉर्ड और इंटरनेट गतिविधियों की जांच की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि वे किन लोगों के संपर्क में थे और उन्हें निर्देश कहां से मिल रहे थे। जांच टीम यह भी देख रही है कि आरोपियों ने किसी एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म या डार्क वेब का इस्तेमाल तो नहीं किया।
विदेशी फंडिंग के एंगल पर भी जांच
एजेंसियां आरोपियों के बैंक खातों और आर्थिक लेन-देन की भी जांच कर रही हैं। शक है कि हमले के लिए विदेश से पैसे भेजे गए हों। इसी वजह से विदेशी ट्रांजेक्शन और संभावित हवाला कनेक्शन को भी खंगाला जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि दुबई में बैठे हैंडलरों को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से निर्देश और फंडिंग मिल रही थी। हालांकि इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सिर्फ तीन गिरफ्तारी नहीं, बड़ा नेटवर्क होने का शक
जांच एजेंसियों का मानना है कि गिरफ्तार तीन आरोपी इस पूरे नेटवर्क का केवल एक हिस्सा हो सकते हैं। उनके पीछे और भी लोगों के सक्रिय होने की आशंका है। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि झारखंड समेत दूसरे राज्यों में भी कुछ स्लीपर सेल या सहयोगी काम कर रहे हो सकते हैं। इसी वजह से कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी जारी है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ आगे बढ़ने के साथ कई और नाम सामने आ सकते हैं।
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