Jamtara : झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रविंद्रनाथ महतो ने सोमवार को नाला प्रखंड के प्रगतिशील किसान निर्मल माजी की आम बागवानी और मत्स्य पालन परियोजना का निरीक्षण किया। किसान द्वारा सीमित संसाधनों में खड़ा किए गए इस सफल मॉडल को देखकर विधानसभा अध्यक्ष काफी प्रभावित हुए और उनकी जमकर सराहना की। निरीक्षण के दौरान रविंद्रनाथ महतो ने आम बागवानी और मत्स्य पालन में अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि निर्मल माजी ने अपनी मेहनत, लगन और दूरदर्शिता के बल पर कृषि आधारित आजीविका का एक सफल उदाहरण पेश किया है। उनके प्रयास न केवल क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणादायक हैं, बल्कि ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भर बनने का संदेश भी देते हैं।
बायोफ्लॉक तकनीक से कर रहे मछली पालन
प्रगतिशील किसान निर्मल माजी ने विधानसभा अध्यक्ष को बताया कि उन्होंने भारत सरकार और राज्य सरकार की योजनाओं के तहत मत्स्य पालन कार्यक्रम शुरू किया है। इसके लिए तिरपाल से बने सात बायोफ्लॉक टैंक तैयार किए गए हैं। टैंकों में ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए विशेष ब्लोअर मशीन लगाई गई है, जिससे मछलियों का बेहतर विकास होता है। उन्होंने बताया कि जून 2025 में इस परियोजना की शुरुआत की गई थी। महज चार महीनों के भीतर ही करीब 60 हजार रुपये की मछली बेचने में सफलता मिली। अब दोबारा मत्स्य बीज डालकर उत्पादन बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
किसानों की आय बढ़ाने में मददगार है योजना
निर्मल माजी ने कहा कि बायोफ्लॉक तकनीक कम जगह और कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली तकनीक है। इससे किसानों की आय बढ़ाने में काफी मदद मिल रही है। उन्होंने बताया कि पारंपरिक खेती के साथ बागवानी और मत्स्य पालन को जोड़कर किसान बेहतर आमदनी हासिल कर सकते हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
विधानसभा अध्यक्ष रविंद्रनाथ महतो ने कहा कि राज्य सरकार किसानों, बागवानों और मत्स्यपालकों की आय बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। कृषि और इससे जुड़े व्यवसायों को बढ़ावा देकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रगतिशील किसान ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। ऐसे किसानों के प्रयासों से गांवों का विकास तेज होगा और राज्य की समृद्धि को नई दिशा मिलेगी।
अन्य किसानों के लिए बने प्रेरणास्रोत
अवलोकन कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने भी निर्मल माजी की पहल की सराहना की। लोगों का कहना था कि आधुनिक तकनीक के साथ खेती और मत्स्य पालन का यह मॉडल क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है। यदि अधिक किसान इस तरह की योजनाओं को अपनाएं तो ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए रास्ते खुल सकते हैं।
Also Read : घरों में सेंधमारी करने वाले गिरोह की रांची पुलिस ने खोली पूरी कुंडली, सरगना समेत दो गिरफ्तार

