Ranchi : झारखंड विधानसभा की महिला कर्मी अंजना तिवारी की इलाज के दौरान हुई मौत के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना के बाद विधानसभा कर्मियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। गुस्साए कर्मचारी विधानसभा परिसर में अंजना तिवारी के शव के साथ ताबूत पर बैठ गए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करने लगे। घटना ने पूरे विधानसभा परिसर का माहौल गरमा दिया है। मरीजों का आरोप है कि अंजना तिवारी पूरी तरह सामान्य हालत में खुद पैदल चलकर सेंटेविटा अस्पताल में गॉल ब्लैडर के ऑपरेशन के लिए भर्ती हुई थीं। लेकिन इलाज के दौरान कथित लापरवाही बरती गई, जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई। इस आरोप के बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


