Ranchi : झारखंड पुलिस एसोसिएशन के गुमला शाखा के पूर्व सचिव और ASI मनोज पासवान एक बार फिर गंभीर आरोपों में घिर गए हैं। महिला थाना गुमला में दर्ज मामले में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। घटना के बाद झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने भी सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें संगठन की सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। पुलिस एसोसिएशन के केंद्रीय कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, खूंटी जिले के लोधमा गांव निवासी एक महिला के आवेदन पर महिला थाना गुमला में ASI मनोज पासवान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), पोक्सो एक्ट और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले के अनुसंधान के दौरान पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर 12 मई को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पहले भी लग चुके हैं गंभीर आरोप
ASI मनोज पासवान का नाम इससे पहले भी विवादों में आ चुका है। वर्ष 2025 में गुमला जिला बल की दो महिला पुलिसकर्मियों ने उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। उस मामले में भी गुमला थाना में केस दर्ज हुआ था और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाद में जनवरी 2026 में उन्हें जमानत मिल गई थी। उस घटना के बाद झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने उन्हें गुमला शाखा के सचिव पद से निलंबित कर दिया था। उनके स्थान पर संयुक्त सचिव को शाखा का प्रभार सौंपा गया था।
संगठन ने कहा, छवि खराब करने वालों के लिए जगह नहीं
ताजा मामले के सामने आने के बाद झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने कड़ा संदेश दिया है। संगठन के अध्यक्ष राहुल मुर्मू ने कहा कि इस तरह के कृत्य पुलिस परिवार और एसोसिएशन की छवि को धूमिल करते हैं। इसलिए मनोज पासवान को तत्काल प्रभाव से संगठन की सदस्यता से वंचित करते हुए गुमला शाखा के सचिव पद से बर्खास्त कर दिया गया है। एसोसिएशन के महामंत्री संजीव कुमार और अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू की ओर से जारी बयान में सभी पुलिसकर्मियों से अपील की गई है कि वे ऐसा कोई आचरण न करें, जिससे विभाग और संगठन की प्रतिष्ठा पर आंच आए।
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