Ranchi : झारखंड सरकार अब राज्य के छोटे-बड़े सभी उद्योगों पर कड़ी नजर रखने की तैयारी में है। श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण सह उद्योग मंत्री संजय यादव ने साफ कर दिया है कि मज़दूरों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। सोमवार को जमशेदपुर के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि अब रांची से सेंट्रलाइज्ड मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए फैक्ट्रियों की निगरानी की जाएगी, ताकि किसी भी तरह की सावधानी पर तुरंत कार्रवाई हो सके। मंत्री ने हाल ही में तमिलनाडु में हुए औद्योगिक हादसे का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी दर्दनाक घटनाएं किसी भी कीमत पर दोहराई नहीं जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि खुद वहां जाकर मज़दूरों की हालत देखने के बाद यह फैसला और मजबूत हुआ है कि झारखंड में सुरक्षा नियमों को पूरी सख्ती से लागू किया जाएगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कोई भी कर्मचारी स्लिप रैप फैक्ट्री में काम करने नहीं आएगा। सभी के लिए सेफ्टी किट, हेलमेट, जूते और जरूरी सुरक्षा उपकरण अनिवार्य होंगे। फैक्ट्री प्रबंधन को हर हाल में सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।
कंपनी मालिकों के साथ होगी हाईलेवल बैठक
मंत्री ने बताया कि अगले सप्ताह राज्य की सभी बड़ी और छोटी कंपनियों के मालिकों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में श्रम कानूनों के पालन, मजदूरों की सुरक्षा और कार्यस्थल के मानकों को लेकर सख्त चर्चा होगी। सरकार चाहती है कि उद्योगों में सुरक्षा को सिर्फ कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि जमीन पर भी उसका पालन दिखे।
अस्थायी मजदूरों के शोषण पर सरकार सख्त
आउटसोर्सिंग और अस्थायी कर्मचारियों के इस्तेमाल को लेकर भी सरकार का रुख सख्त नजर आया। संजय यादव ने कहा कि कई कंपनियां स्थायी काम के लिए भी अस्थायी मजदूरों से काम लेती हैं, जो गलत है। अगर ऐसा पाया गया तो संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मजदूरों को भरोसा दिलाया कि अगर उनके साथ किसी तरह का शोषण होता है, वे सीधे शिकायत कर सकते हैं और सरकार कार्रवाई करेगी।
नई औद्योगिक नीति से रोजगार पर फोकस
राज्य से मजदूरों और युवाओं के पलायन के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि सरकार इसे गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विदेश यात्रा के बाद कई बड़े निवेशकों ने झारखंड में उद्योग लगाने में रुचि दिखाई है। इन निवेशकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार औद्योगिक नीति में बदलाव कर रही है।
जमीन की कमी नहीं, स्थानीय युवाओं को मिलेगा मौका
मंत्री ने कहा कि उद्योगों के लिए जमीन की कमी नहीं होने दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर गोचर जमीन के इस्तेमाल पर भी विचार किया जा सकता है। नई औद्योगिक नीति का सबसे बड़ा मकसद स्थानीय युवाओं को रोजगार देना है, ताकि उन्हें काम की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े। संजय यादव ने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि मोमेंटम झारखंड के नाम पर सिर्फ बड़े दावे किए गए, लेकिन जमीन पर कोई बड़ी कंपनी नहीं आई। जनता का पैसा खर्च हुआ, लेकिन रोजगार के नाम पर खास नतीजे नहीं दिखे। मंत्री ने भावुक अंदाज में कहा कि जब एक मजदूर की जान जाती है, तो सिर्फ एक व्यक्ति नहीं मरता, बल्कि पूरा परिवार टूट जाता है। इसी सोच के साथ सरकार जीरो एक्सीडेंट नीति और श्रम कानूनों के सख्त पालन पर काम कर रही है।
