Hazaribagh : हजारीबाग के बरही थाना क्षेत्र स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र की बरही शाखा में 24 अप्रैल को हुई लूटकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में तीन अपराधियों को उत्तर प्रदेश के वाराणसी से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में पंकज सिंह उर्फ रौनक सिंह (39 वर्ष), मो. अफजल (36 वर्ष) और सौरभ कुमार यादव उर्फ सोनू यादव उर्फ सानू (35 वर्ष) शामिल हैं। इन लोगों के पास से लूटे गए सोने का हिस्सा, गलाया गया सोना और 20 लाख रुपये नकद बरामद किया गया है।
एसपी अमन कुमार ने मीडिया को बताया कि घटना 24 अप्रैल को दिन के करीब 3:15 बजे हुई थी। चार अज्ञात अपराधकर्मियों ने हथियार का भय दिखाकर बैंक कर्मियों को बंधक बनाया और बैंक से 4,22,492 रुपये नकद तथा गोल्ड सेफ में रखा 78 पैकेट सोना (अनुमानित वजन 3.987 किलोग्राम) लूट लिया। इसके बाद सभी कर्मचारियों को स्ट्रांग रूम में बंद कर बैंक का बाहर से ताला लगाकर अपराधी दो मोटरसाइकिल से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटना स्थल का निरीक्षण किया गया। इसके बाद अपराधियों के आने-जाने के संभावित मार्गों पर चेकिंग अभियान चलाया गया। आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सीमावर्ती जिलों और राज्यों की पुलिस से समन्वय स्थापित कर विभिन्न जगहों पर वाहन जांच तेज की गई।
प्राथमिकी दर्ज, FSL टीम ने जुटाए सबूत
इस मामले में बैंक के शाखा प्रबंधक अजय राम के फर्द बयान पर बरही थाना कांड संख्या 140/26 दिनांक 24.04.2026 दर्ज किया गया। केस में धारा 309(6) भारतीय न्याय संहिता और 25(1-बी)/26/35 आर्म्स एक्ट के तहत अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। घटना स्थल पर FSL टीम को बुलाकर वैज्ञानिक तरीके से जांच कराई गई और साक्ष्य संकलन किया गया।
SIT का गठन, दो डीएसपी को मिली जिम्मेदारी
लूटकांड की गंभीरता को देखते हुए एसपी अमन कुमार ने एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया। SIT का नेतृत्व एसडीपीओ सदर अमित आनंद और एसडीपीओ अजीत कुमार विमल को सौंपा गया। SIT ने लगातार सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर अपराधियों के मूवमेंट की निगरानी शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने घटना के दिन और उससे पहले बैंक के आसपास एक काली स्कॉर्पियो (BR-01 HN-2024) को संदिग्ध रूप से घूमते हुए पाया।
वाराणसी में घेराबंदी कर 3 अपराधी पकड़े गए
अपराधियों की पहचान होने के बाद डीएसपी अजीत कुमार विमल के नेतृत्व में एक छापामारी टीम गठित की गई। टीम ने अपराधियों का भेष बदलकर लगातार पीछा किया और उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में पहुंची। वहां उत्तर प्रदेश STF से संपर्क कर संयुक्त कार्रवाई की गई। वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र के सिंहपुर स्थित राजभर बस्ती, हरुआ रिंग रोड के पास स्कॉर्पियो वाहन को घेरकर तीन आरोपियों को पकड़ लिया गया।
912 ग्राम सोना और 20 लाख नकद बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार अपराधियों और स्कॉर्पियो वाहन की तलाशी ली। तलाशी में लूट के आभूषण, बेचने के लिए गलाया गया सोना और बड़ी रकम बरामद की गई। बरामद किये गये सामानों में 912.22 ग्राम सोना, 20 लाख रुपये कैश, 6 मोबाइल फोन, और एक स्कॉर्पियो शामिल है।
गया से दो मोटरसाइकिल जब्त, दो आरोपी फरार
गिरफ्तार अपराधियों ने पूछताछ में बताया कि घटना में इस्तेमाल की गई दो पल्सर मोटरसाइकिल गया रेलवे स्टेशन के पार्किंग में खड़ी की गई है। इसके बाद पुलिस निरीक्षक चंद्रशेखर कुमार के नेतृत्व में एक टीम गया भेजी गई। टीम ने गया रेलवे स्टेशन से दोनों मोटरसाइकिल जब्त कर ली। अपराधियों ने गया के दो अन्य आरोपियों के बारे में भी जानकारी दी, हालांकि वे फरार बताए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
सोशल मीडिया और न्यूज देखकर बनाई थी योजना
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि अपराधियों ने यूट्यूब, फेसबुक और अन्य माध्यमों से जानकारी जुटाई थी कि बैंक ऑफ महाराष्ट्र गोल्ड लोन देती है। अपराधियों को ओडिशा में बैंक ऑफ महाराष्ट्र से 8 किलो सोने की लूट की खबर मिली थी, जिसके बाद उन्होंने इसी तरह की वारदात करने की योजना बनाई। करीब 3-4 महीने पहले अपराधियों ने आपस में व्हाट्सएप के जरिए संपर्क स्थापित किया और दो महीने पहले बरही शाखा की रेकी की।
17 अप्रैल को भी आए थे, लेकिन पुलिस गश्ती देखकर लौट गए
एसपी अमन कुमार के अनुसार अपराधी पहली बार 17 अप्रैल को वारदात को अंजाम देने बरही पहुंचे थे। उस दिन पुलिस की गश्ती और वाहन जांच देखकर उन्होंने घटना को टाल दिया। इसके बाद दो अपराधी बैंक के अंदर जाकर दोबारा रेकी कर सुरक्षा व्यवस्था, अलार्म सिस्टम और भीड़भाड़ की जानकारी लेकर लौट गए। इसके बाद अपराधियों ने 24 अप्रैल को शुक्रवार के दिन वारदात को अंजाम देने का निर्णय लिया।
कैसे दिया वारदात को अंजाम
24 अप्रैल को अपराधियों ने अलग-अलग रास्तों से बरही पहुंचकर पहले पुलिस गश्ती और लोगों की गतिविधियों का जायजा लिया। फिर चार अपराधी बैंक में दो-दो करके घुसे। हथियार निकालकर बैंक कर्मियों से मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर सभी को कब्जे में ले लिया। इसके बाद अपराधियों ने अलार्म सिस्टम का माइक काट दिया और कैश व सोना लूट लिया। सभी कर्मचारियों को स्ट्रांग रूम में बंद कर बैंक का ताला लगाकर शटर गिरा दिया और दो मोटरसाइकिल से फरार हो गए।
अपराधियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों के खिलाफ पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तराखंड और अन्य राज्यों में कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें लूट, हथियार और मारपीट जैसे केस शामिल हैं।
छापामारी टीम में कई थानों के अधिकारी शामिल
इस कार्रवाई में हजारीबाग पुलिस के साथ कई थानों और तकनीकी शाखा की टीम शामिल रही। एसपी ने बताया कि फरार अपराधियों की तलाश लगातार जारी है और जल्द बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
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